नब्बे के दशक में हिंदी पॉप म्यूजिक की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाने वालीं सिंगर सुनीता राव आज भले ही फिल्मी चकाचौंध से दूर हों, लेकिन उनका संगीत आज भी प्रशंसकों के दिलों में ताजा है। अपने करियर की शुरुआत में ही उन्होंने ‘सुनीता सेनोरिटा’ जैसे गानों के जरिए दर्शकों के बीच अपनी जगह बना ली थी। हालांकि, उन्हें असली पहचान 1991 में आए उनके एल्बम ‘धुआं’ के सुपरहिट गाने ‘परी हूं मैं’ से मिली। यह गाना उस दौर में इतना लोकप्रिय हुआ कि आज तीन दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी सुनीता राव की पहचान इसी गीत से जुड़ी हुई है। सुनीता राव की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके एल्बम ‘धुआं’ की 75 हजार से अधिक प्रतियां बिक गई थीं। इस सफलता के बाद उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने ‘गुप्त’ फिल्म के ‘दुनिया हसीनों का मेला’, ‘सपूत’ के ‘कैच मी इफ यू कैन’ और ‘असोका’ के ‘ओ रे कांची’ जैसे कई यादगार गाने गाए। उनकी गायकी का दायरा काफी विस्तृत रहा और उन्होंने कई बड़े सितारों के लिए अपनी आवाज दी।
रेखा के गाने पर विवाद और मौजूदा जीवन
सुनीता राव के करियर में फिल्म ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ का गाना ‘इन द नाइट नो कंट्रोल’ भी काफी चर्चा में रहा। इस गाने में रेखा और अक्षय कुमार पर फिल्माया गया बोल्ड सीक्वेंस काफी सुर्खियों में था। हालांकि, सुनीता ने हाल ही में खुलासा किया था कि शुरुआत में उन्हें इस गाने के लिए श्रेय (क्रेडिट) नहीं दिया गया था। बाद में म्यूजिक कंपनी ने अपनी गलती सुधारते हुए उन्हें गाने का आधिकारिक श्रेय प्रदान किया। यह घटना उस दौर के म्यूजिक इंडस्ट्री के कामकाज के तरीकों पर भी प्रकाश डालती है।
पिछले करीब दो दशकों से सुनीता राव ने बॉलीवुड फिल्मों के लिए गाना बंद कर दिया है, लेकिन संगीत से उनका नाता आज भी अटूट है। वह लगातार स्टेज शोज और लाइव परफॉर्मेंस के जरिए अपने प्रशंसकों से जुड़ी हुई हैं। संगीत के अलावा, सुनीता राव का झुकाव कला के अन्य क्षेत्रों की ओर भी है। उन्होंने भरतनाट्यम का प्रशिक्षण लिया है और वह मंच पर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन भी करती रही हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से वह अपने प्रशंसकों के साथ अपनी सिंगिंग जर्नी और जीवन के अनुभवों को साझा करती रहती हैं।
