इस वीडियो में डायल-112 पुलिस वाहन पर तैनात कर्मी एक पिकअप चालक से अवैध वसूली करते रंगे हाथों दिख रहे हैं. वीडियो के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की गाज गिराई है.
सुनसान रास्ते पर ले जाकर की वसूली, किसी ने छिपकर बना लिया वीडियो
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला बीती 29 सितंबर का है. कदवा थाना क्षेत्र के कुम्हड़ी चौक के पास डायल-112 की गाड़ी गश्त पर थी. इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने एक पिकअप वाहन को रोका. इसके बाद वाहन को मुख्य सड़क से हटाकर एक सुनसान रास्ते पर ले जाया गया.
जहां डायल-112 पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पिकअप चालक से पैसों की अवैध वसूली की. खाकी के इस काले कारनामे से बेखबर पुलिसकर्मी समझते रहे कि कोई उन्हें नहीं देख रहा है, लेकिन पास में मौजूद किसी सतर्क नागरिक ने अपने मोबाइल कैमरे में इस पूरी शर्मनाक करतूत को रिकॉर्ड कर लिया. यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, देखते ही देखते पूरे जिले में आग की तरह फैल गया.
एसपी परिचय कुमार का कड़ा रुख, दो पुलिसकर्मी निलंबित और चालक दानापुर भेजा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की गूंज जब पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के कानों तक पहुंची, तो उन्होंने बिना कोई समय गंवाए मामले की तुरंत जांच के आदेश दिए. जांच में प्राथमिक तौर पर वीडियो और अवैध वसूली का मामला पूरी तरह सच पाया गया. इसके बाद एसपी ने भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों पर त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की. डायल-112 वाहन पर प्रतिनियुक्त पीटीसी 1463 टिंकू कुमार और सिपाही 431 अभिमन्यु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. वहीं वाहन के चालक अर्जुन कुमार को कटिहार जिले से हटाकर वापस दानापुर मुख्यालय भेज दिया गया है.
कदवा थाने में एफआईआर दर्ज, एसपी बोले- भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं
सिर्फ निलंबन ही नहीं, बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसने के लिए कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. एसपी परिचय कुमार ने बताया कि पिछले 29 सितंबर को डायल-112 पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा पिकअप चालक से अवैध वसूली किए जाने के मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ कदवा थाना में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
आगे की कानूनी और आपराधिक जांच प्रक्रिया जारी है. एसपी ने कड़े शब्दों में संदेश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली या जनता का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मानवीय पहलू और आम लोगों पर असर: मदद की उम्मीद जब बन जाए आफत
बिहार सरकार ने राज्य के नागरिकों को त्वरित आपातकालीन सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से ‘डायल-112’ आपातकालीन सेवा की शुरुआत की थी. इसका मुख्य उद्देश्य दुर्घटना, अपराध या किसी भी संकट के वक्त पीड़ित व्यक्ति तक चंद मिनटों में पुलिस सहायता पहुंचाना है. लेकिन जब इस गाड़ी में बैठे पुलिसकर्मी ही वसूली में जुट जाएं, तो राह चलते गरीब चालकों और आम जनता के बीच भारी असुरक्षा और भय का माहौल पैदा हो जाता है.
कदवा में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है. हालांकि, एसपी की त्वरित और कठोर कार्रवाई से आम नागरिकों और व्यवसायियों में एक बार फिर यह उम्मीद जगी है कि खाकी में छिपे काली भेड़ों को बख्शा नहीं जाएगा.
