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Fact Check: पश्चिम बंगाल पुल‍िस की वर्दी का वीड‍ियो द‍िल्‍ली में व‍िरोध-प्रदर्शन के बीच गलत दावे के साथ वायरल

by BollywoodNewsAndMovie


पश्चिम बंगाल के वीड‍ियो को द‍िल्‍ली में हुए व‍िरोध-प्रदर्शन के बीच द‍िल्‍ली पुल‍िस का बताकर झूठे दावे के साथ वायरल क‍िया जा रहा है। इसका द‍िल्‍ली से कोई संबंध नहीं है।

नई द‍िल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। देश की राजधानी दिल्ली समेत कई ह‍िस्‍सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प‍िछले द‍िनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी), कांग्रेस समेत कई व‍िपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने व‍िरोध-प्रदर्शन किया । इन प्रदर्शनों के दौरान द‍िल्‍ली में हजारों प्रदर्शनकार‍ियों को हिरासत में भी ल‍िया गया था। अब इसी प्रदर्शन के नाम पर एक वीड‍ियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक गाड़ी के अंदर पुल‍िस की वर्दियां देखी जा सकती हैं। इस वीड‍ियो को द‍िल्‍ली का बताकर वायरल क‍िया जा रहा है।

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्‍ट की व‍िस्‍तार से जांच की। यह फर्जी साब‍ित हुई। वायरल वीडियो द‍िल्‍ली का नहीं, बल्‍क‍ि पश्चिम बंगाल का है। इस वीड‍ियो का द‍िल्‍ली पुल‍िस या किसी व‍िरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। बंगाल पुल‍िस को बांटने के ल‍िए मंगाई गई वर्दियों को द‍िल्‍ली में हुए व‍िरोध-प्रदर्शन के बीच झूठे दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

क्‍या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘पीडीए परिवार’ ने 12 अक्‍टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “दिल्ली सरकार ने पुलिस वालों की वर्दी थोक भाव मे सिलवा ली है, अब इसे RSS के गुंडों में बांट दिया जाएगा, बस वर्दी में एक चीज की कमी रह गई है, नेम_प्लेट की, बाकी सब ठीक है। अब RSS के गुंडे यही पहनेंगे क्योंकि बिना वर्दी के लोग उन्हें पहचान लेते थे,और सवाल करते थे। वाह रे सरकार!”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इस दावे को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो को सबसे पहले ध्‍यान से देखा। 20 सेकंड के इस वीड‍ियो में लोगों को बंगाली बोलते हुए सुना जा सकता है। जांच की शुरुआत करते हुए सबसे पहले वायरल वीड‍ियो के कई कीफ्रेम निकाले गए। फ‍िर इन्‍हें गूगल लेंस टूल के जर‍िए सर्च क‍िया गया।

हमें वीड‍ियो का सबसे पुराना संस्करण ‘राकेश सरकार’ नाम के एक फेसबुक यूजर के अकाउंट पर म‍िला। इसमें बताया गया है क‍ि ये वर्दियां पश्चिम बंगाल पुल‍िस में भर्ती हुए नए स‍िपाह‍ियों के ल‍िए मंगाई गई हैं।

विश्वास न्‍यूज ने जांच के दौरान इस यूजर की व‍िस्‍तार से सोशल स्‍कैन‍िंग की। इसमें हमें पता चला क‍ि राकेश सरकार के फेसबुक अकाउंट कवर पर वेस्‍ट बंगाल पुल‍िस का लोगो लगा हुआ है। यह यूजर बनगांव का रहने वाला है।

जांच के दौरान हमें 13 अक्‍टूबर 2026 का एक वीड‍ियो भी म‍िला। इसमें वायरल वीड‍ियो की सच्‍चाई बताते हुए राकेश सरकार को सुना जा सकता है। वीड‍ियो के अनुसार, राकेश सरकार खुद पश्चिम बंगाल पुल‍िस में हाल ही में ज्‍वाइन हुए हैं। वायरल वीड‍ियो को उन्‍होंने 9 अक्‍टूबर 2026 को उस वक्‍त पोस्‍ट क‍िया था, जब नए भर्ती हुए स‍िपाह‍ियों को देने के ल‍िए वर्दियां मंगाई गई थीं।

राकेश सरकार ने पुष्टि करते हुए स्‍पष्‍ट क‍िया क‍ि वायरल वीडि‍यो का द‍िल्‍ली के किसी भी प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है और यह वीड‍ियो उन्‍होंने ही बनाया था। इससे यह साबित हुआ कि यह पश्चिम बंगाल का वीड‍ियो है।

क्‍या है संदर्भ?

द‍िल्‍ली समेत देश के कई ह‍िस्‍सों में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान के बहाने चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाकर कांग्रेस समेत कई व‍िपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन क‍िया।

12 अक्‍टूबर 2026 को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने दिल्ली में एक मार्च निकाला था। इस दौरान राहुल गांधी और विपक्ष के कुछ नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और चुनाव आयोग और एसआईआर के खिलाफ एक याचिका दाखिल की गई। ‘बीबीसी’ ह‍िंदी की 12 अक्‍टूबर 2026 की एक खबर में इस बारे में व‍िस्‍तार से पढ़ा जा सकता है।

10 और 11 अक्‍टूबर 2026 को द‍िल्‍ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों को ह‍िरासत में ल‍िया गया था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमत‍ि नहीं होने के बावजूद हजारों की संख्‍या में लोग द‍िल्‍ली के अलग-अलग इलाकों में जुटे। ‘जागरण डॉट कॉम’ की खबर में इस बारे में व‍िस्‍तार से पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने पश्चिम बंगाल के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को आठ हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट जनवरी 2021 में बनाया गया था। यह अकाउंट लखनऊ से संचाल‍ित होता है।

न‍िष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की जांच में वायरल पोस्ट फेक साब‍ित हुई। पश्चिम बंगाल के वीड‍ियो को द‍िल्‍ली में हुए व‍िरोध-प्रदर्शन के बीच द‍िल्‍ली पुल‍िस का बताकर झूठे दावे के साथ वायरल क‍िया जा रहा है। इसका द‍िल्‍ली से कोई संबंध नहीं है।


  • Claim Review : व‍िरोध-प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस की वर्दी से भरी गाड़ी।
  • Claimed By : Facebook User PDA Pariwar
  • Fact Check : झूठ




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