लखनऊ13 मिनट पहले
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रविवार को मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस बुलाई थी।
बसपा सुप्रीमो मायावती अपनी बीमारी की अफवाहों के बाद रविवार को सामने आईं। उन्होंने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस में कहा- मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। अपना काम कर रही हूं। उन्होंने कहा-
पार्टी से निकाले गए लोग पिछले एक-दो दिनों से यह भ्रम फैला रहे हैं कि मैं बीमार हूं, इसलिए बड़े मामलों पर भी सीधे X पर ट्वीट करके जानकारी दे रही हूं। इसलिए मैं आपके सामने आई हूं।

उन्होंने कहा- इसका सबूत है कि पार्टी के इंचार्ज आलोक कुमार के पास शनिवार रात 10:04 बजे भतीजे आकाश आनंद का फोन आया। पूछा- बहनजी बीमार हैं क्या? उनका स्वास्थ्य कैसा है?
आलोक कुमार ने जवाब देते हुए कहा- वह बिल्कुल ठीक हैं। काम में लगी हैं। इस पर आकाश ने आलोक कुमार से कहा कि मेरी यह बात बहनजी को मत बताना और फोन रख दिया। यह गंभीरता से सोचने की बात है। मायावती ने कहा-
आकाश की यह मानसिकता सही भी हो सकती है और गलत भी। क्योंकि अभी भी वह अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से काम कर रहे हैं। आकाश अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हो पाए हैं, इसीलिए उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया।

दरअसल, मायावती 3 सितंबर को लखनऊ में सार्वजनिक तौर पर नजर आई थीं। उन्होंने बसपा नेताओं के साथ बैठक की थी। इसके बाद से वह X पर ट्वीट करके फैसलों की जानकारी दे रही हैं।

तस्वीर 23 जून, 2024 की है, जब लखनऊ में बसपा की एक बैठक में आकाश आनंद ने मायावती के पैर छुए थे।
मायावती ने भतीजी को पार्टी सौंपने के संकेत दिए थे
मायावती ने 4 दिन पहले आकाश को पार्टी में पद वापस देने के लिए उनके ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने की शर्त रखी थी। 17 घंटे बाद अशोक सिद्धार्थ ने संन्यास का ऐलान कर दिया।
इसके बाद भी मायावती ने आकाश को पार्टी में पद नहीं दिया। बल्कि फिर ट्वीट करके आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आकाश को पार्टी और मिशन से ज्यादा अपने ससुर प्रिय हैं।
इसके बाद शनिवार को मायावती ने X पर फिर लंबी-चौड़ी भावुक पोस्ट की। इसमें ऐलान किया कि आकाश ही नहीं, बल्कि ईशान को भी पार्टी में कोई पद नहीं दिया जाएगा। उन्होंने भतीजी दीपिका आनंद को पार्टी की कमान सौंपने के संकेत दिए।
बीएसपी में बड़ा फेरबदल, 3 सेक्टरों में बांटा देश
मायावती ने पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए पार्टी में बड़े बदलाव का भी ऐलान किया। इसके तहत, बसपा में मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद खत्म कर दिया गया। पहले इस पद पर मायावती ने आकाश के छोटे भाई ईशान को जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि, बाद में ईशान को भी पार्टी में पद नहीं देने की घोषणा कर दी।
मायावती ने देश को तीन सेक्टरों में बांटा है। पहले सेक्टर में यूपी और उत्तराखंड हैं। इसे मायावती खुद लीड करेंगी। वहीं 19 राज्यों को उन्होंने दो सेक्टर में बांटा है। सेक्टर एक में 10 राज्य और सेक्टर-2 में 9 राज्य रखे हैं। दोनों ही सेक्टरों के दो-दो प्रभारी भी बनाए हैं।
- रामजी गौतम और सुरेश राव को सेक्टर-1 की 10 राज्यों जिम्मेदारी-राज्य : दिल्ली, हरियाणा, पंजाब/चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार व झारखंड।
- राजाराम और अतर सिंह राव को सेक्टर-2 की 9 राज्यों की जिम्मेदारीराज्य : पश्चिम बंगाल,ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल।
मायावती की 3 बड़ी बातें पढ़िए
1- चीन के साथ सीमा विवाद जल्द सुलझना चाहिए
मायावती ने कहा- दिल्ली में हुए 18वें BRICS सम्मेलन में 140 पैराग्राफ का घोषणा पत्र सभी देशों की सहमति से जारी हुआ। यह बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि है। कई देश इस समय युद्ध, तनाव और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में BRICS देशों का एक साथ आना आपसी सहयोग और समझ को दिखाता है।
BRICS देशों के बीच आर्थिक रिश्ते मजबूत करने की कोशिश भी उम्मीद जगाती है। BRICS करेंसी बनाने की दिशा में कदम भी अच्छा होगा। चीन के साथ मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने की कोशिशों का क्या नतीजा निकलता है, यह आने वाला समय बताएगा। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद जल्द सुलझना चाहिए।
2- 58 हजार पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार विचार करे
मायावती ने लखनऊ के इको गार्डन में आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों का मुद्दा भी उठाया। कहा- मानदेय बढ़ाने और संविदा के बजाय स्थायी करने की मांग को लेकर करीब 58 हजार पंचायत सहायक पिछले कुछ दिनों से राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार को उनकी जायज मांगों पर विचार करना चाहिए।
3- कड़े फैसलों से पार्टी को फायदा हो रहा
मायावती ने कहा- हाल में पार्टी और मूवमेंट के हित में लिए गए कड़े फैसलों से फायदा हो रहा है। इससे बाबा साहेब का अधूरा कारवां तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूपी के अलावा देश के बाकी राज्यों में पार्टी संगठन को दो सेक्टरों में बांटा गया है। वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय प्रभारी बनाया गया है।
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