सितंबर 2026 की शुरुआत भारतीय बॉक्स ऑफिस के लिए एक दिलचस्प मोड़ लेकर आई है। एक तरफ ₹90-100 करोड़ के भारी-भरकम बजट में बनी ‘Mirzapur: The Movie’ रिलीज हुई, जिसमें कोई एक “सुपरस्टार” नहीं बल्कि एक मल्टी-स्टारर कास्ट है। दूसरी तरफ, मात्र ₹2 करोड़ के बजट में बनी छोटी सी फिल्म ‘Hanuman Ansh’ है, जो शुरुआत में सिर्फ मुट्ठी भर स्क्रीन पर रिलीज हुई थी। दोनों फिल्में इस वक्त बॉक्स ऑफिस पर साथ-साथ दौड़ रही हैं, और इनके नंबर बताते हैं कि दर्शकों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं।
Mirzapur: The Movie- फ्रैंचाइजी की ताकत, बिना किसी अकेले ‘स्टार’ के
4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु में रिलीज हुई ‘Mirzapur: The Movie’ एक्सेल एंटरटेनमेंट और एमेजॉन MGM स्टूडियोज की प्रोडक्शन है, जिसे गुरमीत सिंह ने डायरेक्ट किया है। यह एमेजॉन प्राइम वीडियो की बेहद लोकप्रिय सीरीज ‘मिर्जापुर’ पर आधारित है और इसमें पंकज त्रिपाठी, अली फ़जल, दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन जैसे कलाकार हैं, यानी कोई एक बॉलीवुड “सुपरस्टार” फिल्म को अकेले नहीं खींच रहा, बल्कि पूरी टीम और सीरीज की लोकप्रियता इसका असली आधार है।
ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का प्रोडक्शन बजट करीब ₹90 करोड़ और प्रिंट-एंड-ऐडवर्टाइजिंग (P&A) खर्च करीब ₹10 करोड़ है, यानी कुल लागत लगभग ₹100 करोड़ के आसपास बैठती है, और ब्रेक-ईवन के लिए करीब ₹95 करोड़ की जरूरत आंकी गई थी। ओपनिंग डे पर फिल्म ने भारत में ₹25.75 करोड़ नेट कमाए, जिसके बाद दूसरे दिन ₹32 करोड़ और तीसरे दिन करीब ₹36-43 करोड़ (अलग-अलग ट्रैकर्स में मामूली अंतर) जुड़े, यानी वीकेंड पर कमाई और तेज हुई।
रिलीज के 9वें दिन (12 सितंबर) तक, Sacnilk के लाइव आंकड़ों के मुताबिक फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन ₹157.45 करोड़ और भारत में ग्रॉस ₹187.55 करोड़ हो चुका है, जबकि विदेशों में इसने ₹38 करोड़ जोड़े हैं, जिससे इसका कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹225.55 करोड़ तक पहुंच गया है। यानी फिल्म ने अपने अनुमानित ब्रेक-ईवन (₹95 करोड़) को रिलीज के पहले हफ्ते के भीतर ही पीछे छोड़ते हुए खुद को “हिट” के दायरे में मजबूती से स्थापित कर लिया है। हालांकि दूसरे हफ्ते में रोजाना कलेक्शन में गिरावट भी दिखी, आठवें दिन पर पहली बार कमाई एक-अंकीय (सिंगल-डिजिट करोड़) पर आ गई।
Hanuman Ansh, ₹2 करोड़ की फिल्म जो अब तक की सबसे मुनाफे वाली फिल्मों में शुमार
‘Hanuman Ansh’ की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। नीम करोली बाबा पर आधारित यह भक्ति-प्रधान फिल्म विशाल चतुर्वेदी ने लिखी और डायरेक्ट की है, और यह 7 अगस्त 2026 को सीमित स्क्रीन (करीब 200-250) पर रिलीज हुई थी। इसका बजट अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक ₹1.8 से ₹3 करोड़ के बीच बताया जाता है (ज्यादातर स्रोत इसे करीब ₹1.8-2 करोड़ मानते हैं), यानी ‘Mirzapur: The Movie’ के बजट के मुकाबले यह करीब 2 प्रतिशत भी नहीं है।
फिल्म की ओपनिंग बेहद कमजोर थी, पहले दिन इसने महज ₹0.10-0.11 करोड़ ही कमाए, और पहला हफ्ता सिर्फ ₹1.08-1.14 करोड़ पर सिमट गया। दूसरे हफ्ते में तो कमाई और गिरकर ₹0.40 करोड़ के आसपास रह गई, यानी शुरुआत में फिल्म लगभग गायब होने की कगार पर थी। लेकिन इसके बाद माउथ पब्लिसिटी का असर दिखना शुरू हुआ, डिस्ट्रीब्यूटर सिनेपोलिस इंडिया ने धीरे-धीरे स्क्रीन की संख्या बढ़ाकर 2,000 से ज्यादा कर दी, और फिल्म ने पलटवार करते हुए 1 सितंबर तक घरेलू नेट कलेक्शन ₹48.78 करोड़ (ग्रॉस ₹57.54 करोड़) तक पहुंचा दिया। इसके कुछ ही दिन बाद, 31वें दिन (6 सितंबर) को फिल्म ने ₹100 करोड़ नेट का आंकड़ा पार कर लिया, उस दिन अकेले ₹22.75-24 करोड़ की कमाई के साथ, जो फिल्म का अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे कलेक्शन रहा।
रिलीज के 36वें दिन (11 सितंबर) तक, Sacnilk के मुताबिक फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन ₹164.44 करोड़ और ग्रॉस ₹194.30 करोड़ तक पहुंच चुका है। यानी सिर्फ ₹1.8-2 करोड़ के बजट पर यह आंकड़ा फिल्म को अपने निवेश का करीब 80-90 गुना रिटर्न दिलाता है, जिससे इसे 1975 की ‘जय संतोषी माँ’ के बाद भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे ज्यादा रिटर्न-ऑन-इन्वेस्टमेंट (ROI) देने वाली फिल्मों में गिना जा रहा है। 3 सितंबर को हॉम्बले फिल्म्स ने फिल्म के इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स भी खरीद लिए, और 11 सितंबर से इसका विदेशी रिलीज भी शुरू हो गया।
बड़ा सवाल: क्या बजट और स्टार पावर अब गारंटी नहीं रहे?
‘Mirzapur’ और ‘Hanuman Ansh’ अकेली मिसालें नहीं हैं। 2026 में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जहां भारी बजट और बड़े सितारों वाली फिल्में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं:
- ‘War 2’ का बजट करीब ₹400 करोड़ बताया गया, लेकिन सभी भाषाओं को मिलाकर इसने सिर्फ ₹226.1 करोड़ (हिंदी वर्जन ₹169.39 करोड़) कमाए और इसे “फ्लॉप” करार दिया गया।
- ‘Son of Sardaar 2’ का बजट ₹150 करोड़ था, पर कलेक्शन सिर्फ ₹44.45 करोड़ रहा, इसे “डिजास्टर” की श्रेणी में रखा गया।
- ‘The Raja Saab’ का बजट ₹350 करोड़ था; वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹200 करोड़ के ऊपर होने के बावजूद यह भारी घाटे में रही और इसे 2026 की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस आपदा बताया गया, जिसमें निवेश और कमाई के बीच का अंतर ₹141 करोड़ से ज्यादा का रहा।
- इसके उलट, ₹35 करोड़ के मामूली बजट में बनी एनिमेटेड-माइथोलॉजिकल फिल्म ‘Mahavatar Narsimha’ ने ₹111 करोड़ का नेट कलेक्शन कर “सुपर हिट” का दर्जा पाया, जबकि बड़े सितारों के बिना बनी युवा-कलाकारों की फिल्म ‘Saiyaara’ ने 2025 में ₹400 करोड़ से ज्यादा का घरेलू कलेक्शन कर दिया।
ट्रेड विश्लेषकों की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े एक्शन और वॉर-ड्रामा जैसी फिल्मों के लिए ₹250-300 करोड़ के बजट पर मुनाफे की गुंजाइश बेहद कम रह जाती है, जबकि इसी दौर में सस्ती लेकिन असरदार जॉनर-फिल्में मुनाफे में रहती हैं। इसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2026 का बॉक्स ऑफिस काफी हद तक “विनर-टेक्स-ऑल” पैटर्न में बदल गया है, जहां एक-दो बड़े ब्लॉकबस्टर्स के अलावा बाकी फिल्मों के लिए दर्शक जुटाना पहले से कहीं मुश्किल हो गया है।
आंकड़ों से क्या समझ आता है?
दोनों फिल्मों के आंकड़ों को साथ रखकर देखें तो पैटर्न साफ नजर आता है:
|
पैमाना
|
Mirzapur: The Movie
|
Hanuman Ansh
|
|
रिलीज डेट
|
4 सितंबर 2026
|
7 अगस्त 2026
|
|
बजट (अनुमानित)
|
करीब ₹90-100 करोड़
|
करीब ₹1.8-2 करोड़
|
|
ओपनिंग डे कलेक्शन
|
₹25.75 करोड़ नेट
|
₹0.10-0.11 करोड़ नेट
|
|
स्क्रीन काउंट (शुरुआत में)
|
बड़ी संख्या में वाइड रिलीज
|
करीब 200-250 स्क्रीन
|
|
ताजा स्थिति (12 सितंबर तक)
|
9 दिन में वर्ल्डवाइड ग्रॉस ₹225.55 करोड़
|
36 दिन में भारत नेट ₹164.44 करोड़
|
|
बजट के मुकाबले रिटर्न
|
अनुमानित ब्रेक-ईवन (₹95 करोड़) से आगे, हिट
|
बजट का करीब 80-90 गुना
|
|
स्टार पावर
|
मल्टी-स्टारर कास्ट, कोई एक “सोलो स्टार” नहीं
|
कोई बड़ा सितारा नहीं, ज्यादातर नए/कम-जाने चेहरे
|
यहां दिलचस्प बात यह है कि ‘Mirzapur: The Movie’ की सफलता भी पारंपरिक “स्टार पावर” से नहीं, बल्कि एक हिट OTT फ्रैंचाइजी के मजबूत फैनबेस और भरोसेमंद कहानी से आई है। यानी दोनों ही फिल्में (एक बड़े बजट की, दूसरी बेहद छोटे बजट की) असल में कहानी के दम पर चलने वाली फिल्म जीत का उदाहरण हैं, न कि किसी अकेले सितारे के चेहरे की।
2026 का बॉक्स ऑफिस साफ संकेत दे रहा है कि सिर्फ बड़ा बजट या जाना-पहचाना चेहरा दर्शकों को सिनेमाघर तक खींचने की गारंटी नहीं रह गया। ‘Hanuman Ansh’ जैसी फिल्में दिखाती हैं कि सही मौके पर सही कहानी और मजबूत word-of-mouth किसी भी बड़े मार्केटिंग बजट से ज्यादा असरदार हो सकते हैं, जबकि ‘Mirzapur: The Movie’ यह साबित करती है कि दर्शक अब भी उन कहानियों और फ्रैंचाइजी के लिए थिएटर आते हैं जिन पर उन्हें भरोसा है, भले ही पोस्टर पर कोई एक “अकेला सुपरस्टार” न हो। दूसरी तरफ, ‘War 2’, ‘The Raja Saab’ और ‘Son of Sardaar 2’ जैसी महंगी फिल्मों का लड़खड़ाना यह भी बताता है कि सिर्फ बड़े नाम और भारी बजट के दम पर अब दर्शकों को थिएटर तक लाना पहले जितना आसान नहीं रहा। कुल मिलाकर, यह ट्रेंड इंडस्ट्री के लिए एक साफ संदेश है,कहानी और भरोसा, बजट और स्टार-पावर से ज्यादा भारी पड़ रहे हैं।
