नई दिल्ली. अनिल कपूर और तब्बू की फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखने वाली पूजा बत्रा का जन्म 27 अक्टूबर 1975 को हुआ था. उन्होंने हॉलीवुड की एक साइंस-फिक्शन फिल्म में अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाया. इस भूमिका के लिए उन्होंने कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स जैसी मशहूर अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में भी काफी कुछ पढ़ा. अब पूजा एक्टिंग के साथ-साथ फिल्म निर्माण की दुनिया में भी अपनी पहचान बना रही हैं.
पूजा बत्रा के पिता रवि बत्रा भारतीय सेना में कर्नल थे, जबकि उनकी मां नीलम बत्रा ने साल 1971 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. पिता की नौकरी की वजह से पूजा को बचपन में एक जगह टिककर रहने का मौका कम ही मिला. हालात ऐसे रहे कि उन्होंने करीब 12 साल में 10 स्कूल बदल लिए.
बचपन से ही पूजा को खेलों में दिलचस्पी थी. वह दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया करती थीं. हालांकि, उनकी किस्मत में आगे चलकर ग्लैमर की दुनिया में नाम कमाना लिखा था. उन्होंने कम उम्र में मॉडलिंग शुरू कर दी थी. एक साबुन के विज्ञापन से उन्हें अच्छी पहचान मिली और फिर साल 1993 में उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब अपने नाम कर लिया.ब्यूटी पेजेंट जीतने के बाद पूजा के लिए मनोरंजन जगत के दरवाजे खुल गए. उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद फिल्मों में कदम रखा. साल 1997 में आई फिल्म ‘विरासत’ उनके करियर की अहम फिल्म साबित हुई. इसमें वह अनिल कपूर और तब्बू के साथ नजर आई थीं.
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इसके बाद पूजा ने कई हिंदी फिल्मों में काम किया. ‘भाई’, ‘हसीना मान जाएगी’, ‘दिल ने फिर याद किया’, ‘कहीं प्यार न हो जाए’ और ‘नायक: द रियल हीरो’ जैसी फिल्मों में उनके काम को दर्शकों ने देखा. धीरे-धीरे उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली. लेकिन करियर आगे बढ़ने के बीच उनकी निजी जिंदगी में कुछ ऐसे बदलाव आए, जिनका असर उनके फिल्मी सफर पर भी पड़ा.
पूजा बत्रा ने अमेरिका में रहने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन सोनू एस. अहलूवालिया से शादी की थी. शादी के बाद वह लॉस एंजिलिस में रहने लगीं और कुछ समय तक हिंदी फिल्मों से दूर रहीं. हालांकि, उनकी शादी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई और बाद में दोनों का तलाक हो गया.इस बदलाव के बाद पूजा ने जिंदगी को नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला किया. उन्होंने अपने करियर पर दोबारा ध्यान दिया और भारतीय फिल्मों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी काम करने के मौके तलाशने लगीं. इसी दौरान उनके हाथ एक ऐसा किरदार लगा, जिसने उनके करियर को एक अलग पहचान दी.
साल 2016 में पूजा बत्रा साइंस-फिक्शन फिल्म ‘वन अंडर द सन’ में नजर आईं. इस फिल्म में उन्होंने कैथरीन वॉस नाम की अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाया था. फिल्म की कहानी एक ऐसे अंतरिक्ष मिशन की अकेली बची यात्री के इर्द-गिर्द घूमती है, जो धरती पर लौटने के बाद अपनी बीमार बेटी से मिलना चाहती है.इस रोल को बेहतर तरीके से निभाने के लिए पूजा ने भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन के बारे में पढ़ा. इससे उन्हें अंतरिक्ष यात्रियों की शारीरिक भाषा, उनके व्यक्तित्व और काम करने के तरीके को समझने में मदद मिली. खास बात यह है कि फिल्म की शूटिंग महज 11 दिनों में पूरी कर ली गई थी. फिल्म को कान फिल्म फेस्टिवल में भी पेश किया गया था.
पूजा बत्रा ने अपने करियर को सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रखा. वह अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं. लॉस एंजिलिस में उनकी प्रोडक्शन कंपनी ग्लोबेल इंक के जरिए कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है.साल 2026 में उनकी कंपनी के बैनर तले बनी शॉर्ट फिल्म ‘इकोज ऑफ अस’ को कान फिल्म फेस्टिवल के दौरान दिखाया गया. इस फिल्म में दीपक तिजोरी और स्पेनिश अभिनेत्री एलेसांद्रा व्हेलन मेरिडिज नजर आए.
कुल मिलाकर, पूजा बत्रा का सफर मॉडलिंग और बॉलीवुड से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय सिनेमा तक पहुंचा है. उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हर बार खुद को नए अंदाज में आगे बढ़ाने की कोशिश की. अब वह अभिनय के साथ फिल्म निर्माण में भी अपनी जगह मजबूत करने में जुटी हैं.
