शामली। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 152 से बढ़कर 194 पर पहुंच गया है।
सुबह धुंध छाए रहने से लोगों को परेशानी हुई। प्रदूषण बढ़ने से सांस और आंखों से संबंधित समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान एक डिग्री गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सचिन मलिक ने बताया कि वायु प्रदूषण का असर सबसे अधिक बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर पड़ता है। प्रदूषित हवा में मौजूद बारीक कण सांस के जरिये फेफड़ों तक पहुंचकर खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन पैदा कर सकते हैं। लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से अस्थमा और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने सलाह दी कि सुबह और शाम प्रदूषण के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बाहर जाते समय फेस मास्क पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घरों में खिड़की-दरवाजे बंद रखें और पर्याप्त पानी पीते रहें। सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी या सीने में जकड़न होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
संजीव शर्मा
