Madhepura News: मधेपुरा में उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के बाहर छात्र-छात्राओं के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट की कि छात्राओं के साथ छेड़छाड़ नहीं हुई है और कुछ व्यक्तियों को भ्रामक सूचना फैलाने के लिए नोटिस भेजा गया है। मामला किशोर न्याय अधिनियम के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।

Madhepura News: मधेपुरा, कार्यालय संवाददाता उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के बाहर छात्र-छात्राओं के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और उसे जमुई और समस्तीपुर जैसी घटना से जोड़े जाने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आ गया है। एसपी संदीप सिंह ने गुरुवार को मौके पर पहुंच कर पूरे मामले की तहकीकात की। उन्होंने बताया कि उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के बाहर छात्राओं के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना प्रसारित करने के मामले में कुछ लोगों को नोटिस भेजा गया है। नाबालिग बच्चों के विवाद मामले में कुछ बच्चों को जेजे एक्ट के तहत नोटिस भेजा गया है।
पुलिस की जांच
पुलिस की ओर से वायरल वीडियो 22 सितंबर का बताया गया है। विद्यालय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा की प्रथम पाली समाप्त होने के बाद छात्र- छात्राओं के घर जाने के दौरान का वीडियो बताया गया है। उदाकिशुनगंज एसडीपीओ पवन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस के सत्यापन में सामने आया कि परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र-छात्राएं घर लौट रहे थे। इसी दौरान स्कूल के बाहर सड़क पर एक युवक मोटरसाइकिल लगाकर खड़ा था। कुछ छात्रों को उसके किसी छात्रा से मिलने आने का संदेह हुआ, जिसके बाद नाबालिग छात्रों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच अन्य छात्र-छात्राएं भी मौके पर पहुंच गए और आपस में बहस होने लगी। इसकी सूचना मिलते ही विद्यालय के शिक्षक मौके पर पहुंचे और सभी छात्र-छात्राओं को समझाकर वहां से हटा दिया। एसडीपीओ के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे सभी छात्र-छात्राएं नाबालिग हैं। उनकी पहचान कर ली गई है और उनके परिजनों को नोटिस दिया गया है। मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।
छेड़छाड़ का स्पष्ट विरोध
एसपी संदीप सिंह ने बताया कि नाबालिग बच्चों के बीच बाइक से चाबी निकालने और धक्की मुक्की की घटना हुई थी। छात्राओं के साथ छेड़छाड़ जैसी कोई घटना नहीं हुई है। मात्र लाइक और व्यूज बटोरने के लिए कुछ सोशल मीडिया हैंडल द्वारा उस घटना को जमुई और समस्तीपुर की घटना से जोड़ कर भ्रामक खबर प्रसारित की गयी है। इस मामले में कुछ लोगों को नोटिस भेजा गया है। नाबालिग बच्चों को जेजे एक्ट के तहत नोटिस भेजा गया है। उनके अभिभावकों को घटना को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो को गलत तरीके से प्रसारित कर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। वीडियो को गलत मंशा से प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
सामान्य प्रश्न
✦क्या वीडियो में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ हुई थी?−
नहीं, एसपी संदीप सिंह ने बताया कि छात्राओं के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई है।
✦पुलिस ने विवाद के मामले में क्या कार्रवाई की है?+

