इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (Indian Broadcasting and Digital Foundation) यानी आईबीडीएफ के बोर्ड में बदलाव हुआ है। 27वीं एनुअल जनरल मीटिंग (Annual General Meeting) में जूम एंटरटेनमेंट (Zoom Entertainment) के सीईओ आशीष सहगल (Ashish Sehgal) को निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं, जियोस्टार (JioStar) के प्रेसिडेंट केविन वाज (Kevin Vaz) समेत बोर्ड के अन्य प्रमुख सदस्यों को फिर नियुक्त किया गया है।
आईबीडीएफ की लीडरशिप से जुड़े आई वेणकट (I Venkat) बोर्ड से हट गए हैं। उनकी जगह मलयालम कम्युनिकेशंस (Malayalam Communications) के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉन ब्रिटास (John Brittas) को निदेशक बनाया गया है।
केविन वाज और अन्य प्रमुख सदस्यों की दोबारा नियुक्ति से ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री बॉडी के नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी। आईबीडीएफ टेलीविजन ब्रॉडकास्टर्स और डिजिटल मीडिया कंपनियों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।
बोर्ड में कई प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स और मीडिया संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनमें केविन वाज, एसपीएनआई (SPNI) के गौरव बनर्जी (Gaurav Banerjee), टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) के अरुण पुरी (Aroon Purie), एमएमटीवी (MMTV) के जयंत मैथ्यू (Jayant Mathew) और जी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) के पुनीत गोयनका (Punit Goenka) समेत अन्य सदस्य शामिल हैं।
आशीष सहगल के शामिल होने से आईबीडीएफ बोर्ड में टेलीविजन इंडस्ट्री के एक और वरिष्ठ अधिकारी जुड़े हैं। वह द टाइम्स ग्रुप (The Times Group) द्वारा संचालित जूम एंटरटेनमेंट के सीईओ हैं।
बैठक में ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री से जुड़े कई स्टेकहोल्डर्स (Stakeholders) ने भी हिस्सा लिया। इनमें ईनाडु टीवी (Eenadu TV) के डायरेक्टर सुजय चेरुकुरी (Sujay Cherukuri) भी शामिल थे, जो दिवंगत मीडिया उद्यमी रामोजी राव (Ramoji Rao) के पोते हैं।
बैठक में टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट (Television Audience Measurement) और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया (Broadcast Audience Research Council India) यानी बार्क इंडिया (BARC India) से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बोर्ड में ये बदलाव ऐसे समय में हुए हैं जब आईबीडीएफ टेलीविजन और डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग इकोसिस्टम (Digital Broadcasting Ecosystem) से जुड़े मुद्दों पर ब्रॉडकास्टर्स, पॉलिसीमेकर्स (Policymakers) और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ काम कर रहा है। इनमें रेगुलेशन, ऑडियंस मेजरमेंट और ब्रॉडकास्टर्स के बिजनेस एनवायरनमेंट से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
