बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में हाथियों का उत्पात बढ़ने से राहगीरों और किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बृहस्पतिवार रात बिछिया-गिरिजापुरी मार्ग पर हाथियों का झुंड आने से करीब 15 मिनट तक आवागमन बाधित रहा। वहीं, शुक्रवार सुबह कारीकोट के जमुनिहा गांव में एक टस्कर ने गन्ने व हल्दी की 14 बीघा फसल रौंद दी।
बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे सड़क पर हाथियों का झुंड देखकर राहगीरों ने वाहन रोक दिए। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब 15 मिनट तक सड़क पर चहलकदमी करने के बाद हाथियों का झुंड जंगल की ओर चला गया।
शुक्रवार सुबह करीब छह बजे जमुनिहा गांव में पहुंचे टस्कर ने फसल बर्बाद कर दी। गणेश की पांच बीघा गन्ना, रमेश की दो बीघा गन्ना और एक बीघा हल्दी, मुन्ना की एक बीघा गन्ना और दो बीघा हल्दी तथा कट्टर सिंह की तीन बीघा गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। सूचना पर गजमित्रों और ग्रामीणों ने हांका लगाकर जंगल की ओर खदेड़ा।
वन क्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ ने बताया कि हाथियों की आवाजाही बढ़ी है। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है और वन विभाग की टीमों ने निगरानी बढ़ा दी है।