बांदा। दिवंगत पूर्व मंत्री डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा के परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
पूर्व मंत्री के पुत्र और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा की नंदवारा में दो सगे भाइयों की हत्या में नामजदगी के बाद अब पौत्र देवेंद्र पाल वर्मा की मुश्किल बढ़ गई है। उसके खिलाफ न्यायालय ने एक पुराने मामले में बिना जमानती वारंट जारी कराने के साथ कुर्की का आदेश भी जारी किया है।
बुधवार को यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वहीं देवेंद्र की मां ने मुख्यमंत्री की जनसुनवाई से पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार करने का दावा किया है। नरैनी कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों से जुड़े मुकदमे में एसीजेएम न्यायालय ने नंदवारा से प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। न्यायालय में तय तारीख तक हाजिर नहीं होने पर उनकी संपत्ति कुर्क करने के भी आदेश दिए गए हैं।
न्यायालय ने हाजिर होने के लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की है। देवेंद्र पाल वर्मा के खिलाफ नरैनी कोतवाली में धारा 467, 468, 420 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज है। न्यायालय ने छह अक्तूबर को मामले में बिना जमानती वारंट जारी कर गिरफ्तारी का आदेश जारी किया। संवाद न्यूज एजेंसी वायरल आदेशों की पुष्टि नहीं करती है।
उधर महेंद्र पाल वर्मा की पत्नी और देवेंद्र पाल वर्मा की मां अंजना देवी ने वीडियो जारी कर पुत्र को लखनऊ में मुख्यमंत्री की जन सुनवाई से गिरफ्तार करने का दावा किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सीएम से नहीं मिलने दिया गया। एसआईटी जांच पर भी भरोसा न होने की बात कही। साथ ही पति की तरह नंदवारा में हुई सगे भाइयों की हत्या में सीबीआई जांच की मांग की।