बारिश के बाद मौसम में अचानक बदलाव के साथ ठंड बढ़ गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। उप जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना करीब 35 मरीज सर्दी-जुकाम के लक्षण लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 20 मरीज वायरल बुखार से ग्रसित मिल रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार वायरल संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों में बुखार, नाक बहना, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कुछ मरीजों में ठंड लगने के साथ तेज बुखार की शिकायत भी सामने आ रही है। बच्चों में बुखार के साथ भूख कम लगना और सुस्ती जैसे लक्षण भी देखे जा रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र तोमर ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव होने से वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बचाव के लिए मौसम के अनुसार गर्म कपड़े पहनें, बारिश में भीगने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और पौष्टिक एवं ताजा भोजन लें। सर्दी-जुकाम या बुखार होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लें। तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या लगातार कमजोरी होने पर चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।