हमीरपुर। सुबह पांच बजे अणु खेल मैदान में खिलाड़ी दौड़ लगा रहे होते हैं और उन्हें दिशा दे रहे होते हैं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चबूतरा के टीजीटी नॉन मेडिकल रजनीश शर्मा। सुबह सात बजे तक प्रशिक्षण देने के बाद वह स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं।
वहीं, दोपहर बाद फिर मैदान में लौटकर शाम साढ़े सात बजे तक खिलाड़ियों को एथलेटिक्स की बारीकियां सिखाते हैं। वर्षों से जारी इस दिनचर्या के लिए वह खिलाड़ियों से कोई शुल्क नहीं लेते।
चौकी जमवाला निवासी रजनीश शर्मा वर्ष 1999 से 2007 तक राष्ट्रीय स्तर के एथलीट रहे हैं। फरवरी 2007 में गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद अप्रैल 2007 में शिक्षा विभाग में उनकी नौकरी लगी।
पहली नियुक्ति सिरमौर में हुई। नौकरी के साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया, जो आज भी जारी है। वर्ष 2014 से उन्होंने जोलसप्पड़ स्कूल में नियमित प्रशिक्षण शुरू किया। इसके बाद गुलेला और भलेठ स्कूलों में भी खिलाड़ियों को तैयार किया।
वर्तमान में अणु खेल मैदान में सुबह पांच से सात और शाम चार से साढ़े सात बजे तक प्रशिक्षण देते हैं। एथलेटिक्स की विभिन्न विधाओं के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रतियोगिताओं की तैयारी पर भी ध्यान देते हैं।
रजनीश शर्मा का लक्ष्य खिलाड़ियों को सेना, पुलिस और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य परिवारों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास से खिलाड़ी आगे बढ़ सकते हैं।
बाक्स
अब तक 20 खिलाड़ी सेना में पहुंचे, 30 राष्ट्रीय स्तर पर दिखा चुके हैं प्रतिभा
रजनीश शर्मा के प्रशिक्षण से अब तक करीब 20 खिलाड़ी भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि करीब 30 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति किसी प्रतिभावान खिलाड़ी के सपने में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से वह वर्षों से निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं।