एटा। मौसम में लगातार बदलाव के बीच वायरल बुखार की चपेट में आ रहे बच्चों में निमोनिया और सांस संबंधी परेशानी की शिकायत भी सामने आ रही है। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग की ओपीडी में वायरल बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत के साथ बच्चे पहुंच रहे हैं।
हालत अधिक खराब होने पर चिकित्सकों की निगरानी में बच्चों को वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। हाल के दिनों में बालरोग वार्ड में भर्ती अधिकांश बच्चे वायरल संक्रमण से पीड़ित बताए गए हैं और कुछ में निमोनिया के लक्षण भी सामने आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुधवार को 27 मरीजों के पर्चे बने इसमें से 850 लोगों ने मेडिसिन विभाग में चिकित्सक को उपचार के लिए दिखाया। इसके अलावा बाल रोग विभाग में भी करीब चार सौ बच्चों को दिखाया गया। इनमें से अधिकांश को वायरल बुखार और निमोनिया की समस्या थी। सीएमएस डॉ. एस चंद्रा ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और वायरल संक्रमण के कारण बुखार व सांस संबंधी दिक्कत बढ़ सकती है। बच्चों और बुजुर्गों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कहा कि बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या ऑक्सीजन स्तर कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। निमोनिया का कारण वायरस या बैक्टीरिया दोनों हो सकते हैं। इसलिए बिना जांच के स्वयं दवा लेना उचित नहीं है।
