एटा। मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार, सर्दी, खांसी और बदन दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में सबसे अधिक वायरल बुखार के 680 मरीजों को उपचार दिया गया। गंभीर हालत वाले 53 मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया। चिकित्सकों ने भर्ती मरीजों की मलेरिया और डेंगू की जांच भी कराई है। रिपोर्ट आने के बाद जरूरत के अनुसार आगे का उपचार किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह आठ बजे से ही पर्चा काउंटर पर मरीजों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए पर्चा बनवाने को मरीज करीब एक घंटे तक लाइन में लगे रहे। कुल 2900 मरीजों के पर्चे बनाए गए।
मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक वायरल बुखार से पीड़ित रहे। इसके अलावा सर्दी, खांसी और बदन दर्द की शिकायत लेकर भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। चिकित्सकों ने लक्षणों के आधार पर मरीजों की जांच कराई और आवश्यक उपचार दिया।
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बदलते मौसम में रखें इन बातों का ध्यान…
– ठंडी चीजों और ठंडे पेय पदार्थों के सेवन से बचें।
– पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें।
– बुखार, शरीर में दर्द या कमजोरी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
– तेज बुखार लगातार बना रहे तो मलेरिया और डेंगू की जांच चिकित्सकीय सलाह से कराएं।
– बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें।
– साफ-सफाई रखें और मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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मौसम बदलने के कारण मेडिसिन विभाग की ओपीडी में वायरल बुखार के साथ सर्दी, खांसी और बदन दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं। सोमवार को ओपीडी में 680 मरीजों को उपचार दिया गया। – डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज