Etawah News:हड्डी व ईएनटी रोग विशेषज्ञ ने देखे वायरल के मरीज – Orthopedic And Ent Specialists Examined Patients With Viral Infections


= संविदा कर्मचारियों की अनिश्चिकालीन हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

= सीएमएस ने दूसरी ओपीडी में तैनात स्थायी डॉक्टरों की अन्य ओपीडी में लगाई ड्यूटी

संवाद न्यूज एजेंसी

इटावा। जिला अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। सीएमएस ने मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य ओपीडी में तैनात स्थायी डॉक्टरों की तैनाती दूसरी ओपीडी में कर दी है ताकि ओपीडी में आने वाले मरीजों को बिना इलाज वापस न लौटना पड़े। इसकी वजह से हड्डी रोग, कान, नाक व गला रोग विशेषज्ञ वायरल, खांसी व जुकाम के मरीज देख रहे हैं।

संविदा कर्मचारियों की अनुपस्थिति के चलते उत्पन्न हुए संकट से निपटने के लिए सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने अन्य विभागों के स्थायी डॉक्टरों को मेडिसिन व फिजीशियन की ओपीडी में तैनात कर दिया है। मंगलवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विष्णु मेहरोत्रा मेडिसिन विभाग में बैठे और मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को देखकर उन्हें दवाइयां लिखीं।

वहीं, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राहुल आनंद ने फिजीशियन की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने वायरल, जुकाम और गले में खराश जैसी दिक्कतों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर उनका उपचार किया। अस्पताल परिसर में संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से पर्चा बनवाने, दवा वितरण और जांच जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की ओर से सामान्य फिजिशियन की भूमिका निभाए जाने से मरीजों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन मुख्य चिकित्सा सेवाओं का सुचारू रूप से चलना अब भी एक चुनौती बना हुआ है।

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नेत्र रोग विशेषज्ञ दूसरे दिन भी अवकाश पर रहे

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेशांस सिंह लगातार दूसरे दिन अवकाश पर रहे। इसकी वजह से दूर-दराज से आने वाले मरीजाें को परेशान होना पड़ा। कई मरीज डॉक्टर न होने की वजह से बिना इलाज के घर लौट गए। वहीं कुछ लोगों ने डॉ. जेपी चौधरी से इलाज करवाया।

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वर्जन—–

मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए उपलब्ध संसाधनों और डॉक्टरों के साथ हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त नहीं होती, तब तक स्थायी डॉक्टरों को इसी तरह अन्य विभागों में समायोजित करके स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल

फोटो 19: मेडिसिन विभाग में मरीजों को देखते हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विष्णु मेहरोत्रा। संवाद



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