रमेश चंद्र गुप्ता | मुड़िया पमार(सिधौली), शाहजहांपुर15 मिनट पहले
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शाहजहांपुर के थाना सिंधौली क्षेत्र के महुआ पाठक गांव में दिल्ली-पलिया हाईवे स्थित उड़ान कंप्यूटर कोचिंग सेंटर में हुई करीब तीन लाख रुपये की चोरी का चार माह बीतने के बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। चोरी से संबंधित फोटो और वीडियो वायरल होने की बात सामने आने के बावजूद मामले का पर्दाफाश न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, पीड़ित संचालक कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा है।
जानकारी के अनुसार, बीती 17 जून को अज्ञात चोरों ने कोचिंग सेंटर को निशाना बनाया था। चोर सेंटर का मुख्य गेट तोड़कर अंदर घुसे और दो बैटरी, इन्वर्टर, प्रिंटर, दो कंप्यूटर, एक कैमरा डीवीआर तथा करीब दस हजार रुपये की नकदी समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। चोरी हुए सामान की कुल कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई गई है।
कोचिंग सेंटर संचालक अभिषेक कुमार यादव निवासी सकुलिया ने बताया कि वह रोजाना की तरह शाम करीब छह बजे सेंटर बंद करके अपने घर चले गए थे। अगले दिन सुबह सात बजे जब वह कोचिंग सेंटर पहुंचे तो मुख्य गेट की कुंडी टूटी हुई मिली। अंदर जाकर देखा तो सामान गायब था। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल कोरोकुइयां पुलिस चौकी को घटना की सूचना दी। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस आवश्यक औपचारिकता पूरी करने के बाद लौट गई।
इसके बाद पीड़ित ने थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया, जिसके आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, चार माह गुजरने के बाद भी चोरी का खुलासा नहीं हो पाया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घटनास्थल पुलिस चौकी से महज एक किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चौकी के इतने करीब इतनी बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे हैं। सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात करीब दस बजे के बाद गांव में बिजली भी नहीं आई थी, जिसका फायदा चोरों को मिलने की आशंका जताई जा रही है।
अब पीड़ित को चोरी का खुलासा होने और अपना सामान वापस मिलने का इंतजार है।