Supaul News: सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और गले के संक्रमण के मरीज बढ़ने लगे हैं। बदलते तापमान और नमी के बीच डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। डेंगू का प्रसार बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ने पर अधिक हो सकता है। डॉ. राजा राम गुप्ता ने बताया कि मौसम बदलने पर शरीर को तापमान के अनुरूप ढलने में समय लगता है। इससे वायरल संक्रमण की शिकायत बढ़ सकती है। उन्होंने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ताजा व पौष्टिक भोजन लेने, साफ-सफाई रखने और बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें। कूलर, गमले, टायर व अन्य पात्रों में जमा पानी नियमित रूप से साफ करें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े और मच्छररोधी उपाय अपनाएं। डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो जांच कराएं।