अमिताभ बच्चन की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘सुर्यवंशम’ बॉक्स ऑफिस पर इन 5 कारणों से फ्लॉप हुई थी। एक वजह सलामन खान की फिल्म भी है। बाद में टीवी ने बना दिया इस फिल्म एक्टर्स को खास।
1999 में अमिताभ बच्चन की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘सूर्यवंशम’ रिलीज हुई थी। हर समय टीवी पर दिखने वाली ये फिल्म अपने जबरदस्त डायलॉग, म्यूजिक और पिता-बेटे के बिगड़े हुए रिश्ते के लिए याद की जाती है। अमिताभ बच्चन ने डबल रोल निभाया था। ठाकुर भानुप्रताप सिंह और हीरा ठाकुर का। दोनों की रोल में उनका काम शानदार था लेकिन इसके बावजूद वो ऑडियंस को इम्प्रेस नहीं कर पाए। आज हम सूर्यवंशम को कल्ट क्लासिक मानते हैं। लेकिन ये फिल्म बॉक्स ऑफिस फ्लॉप हुई थी। जानिए फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे के 5 बड़े कारण-
साउथ फिल्म का हिंदी रीमेक
1997 में एक तमिल फिल्म आई थी जिसका नाम था सूर्या वंसम। इस फिल्म को विक्रमण ने डायरेक्ट किया था जो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। इसका तेलुगू वर्जन सुर्यवंशम बनाया गया। फिल्म 1998 में रिलीज हुई। ये फिल्म भी हिट रही। लेकिन जब अमिताभ बच्चन के साथ इस फिल्म को हिंदी में रीमेक किया गया तो उतना अच्छा नतीजा नहीं निकला। उसकी बड़ी वजह ये थी कि इस हिंदी रीमेक को डायरेक्टर EVV सत्यानारयाना ने पूरी तरह से कॉपी कर लिया था। कुछ हद तक डायलॉग और उसे बोलने का अंदाज भी कॉपी था। यहां तक कि फिल्म की शूटिंग हैदराबाद में उसी लोकेशन पर की गई थी जहां साउथ फिल्मों को बनाया गया था।
रिलीज टाइमिंग और सलमान की फिल्म ने बिगाड़ बिजनेस?
अमिताभ बच्चन के डबल रोल वाली फिल्म सुर्यवंशम 21 मई 1999 को रिलीज हुई थी। उस दौर में फिल्म को ऑडियंस तक पहुंचने में भी समय लगता था। ऐसे में अगले ही हफ्ते यानी 28 मई 1999 को सलमान खान और करिश्मा कपूर की फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ रिलीज हो गई। डेविड धवन के डायरेक्शन में बनी इस मसाला एंटरटेनर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर दिया और अमिताभ बच्चन को थिएटर तक देखने आने वाली ऑडियंस की संख्या तेजी से कम हो गई। सलमान की फिल्म ने अमिताभ की सुर्यवंशम का बिजनेस बिगाड़ दिया था। खास बात ये है कि फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ में अमिताभ का कैमियो था। आपको वो गाना याद हहोगा ‘मुझे माफ करना ओम साईं राम’। इस गाने से ठीक पहले अमिताभ स्टेज पर नजर आते हैं।
अमिताभ के करियर का बुरा फेज
90 के दशक के आखिरी कुछ साल उनके करियर के लिए बुरे साबित हो रहे थे। इसीसमय उनकी प्रोडक्शन कंपनी डूब गई।एक्टर कर्जे में डूबे हुए थे। इसी समय पर आई उनकी फिल्में मृत्युदाता, लाल बादशाह जैसी फिल्में फ्लॉप हो गई थीं। इसी दौरान अमिताभ बच्चन हीरो के रोल से हटकर सपोर्टिंग और बड़े लोगों के किरदारों में नजर आने लगे थे।
डबल रोल का बुरा असर
फिल्म सुर्यवंशम की शूटिंग के दौरान एक्टर की उम्र 57 साल की थी। इस उम्र में उन्होंने पिता और बेटे का किरदार निभाया था। ठाकुर भानुप्रताप के रोल में तो उन्होंने कमाल किया। लेकिन उने ही बेटे हीरा ठाकुर के रूप में वो उतनी छाप उस समय नहीं छोड़ पाए थे। दरअसल, उस समय की ऑडियंस को अमिताभ के चेहरे पर उम्र नजर आ रही थी। ये यकीन करना मुश्किल था कि ठाकुर भानुप्रताप के तीन बेटों में वो सबसे छोटे हैं। इसके अलावा उनकी मां के किरदार में नजर आई एक्ट्रेस जयसुधा उस समय एक्टर से 17 साल छोटी थीं।
कमजोर केमिस्ट्री
टीवी पर सुर्यवंशम को देखने वाली ऑडियंस को हीरा ठाकुर और राधा की जोड़ी अब पसंद आती होगी । लेकिन जब ये फिल्म थिएटर में रिलीज हुई थी तो उस समय दोनों एक्टर की उम्र का फर्क इनकी केमिस्ट्री में नजर आ रहा था। दोनों रोमांटिक जोड़ी के हिसाब से एक दूसरे के साथ फिट नहीं थे। हालांकि, सालों बाद जब ये फिल्म बार-बार टीवी पर आई तो फिल्म और ये जोड़ी कल्ट बन गई।
