अयोध्या में दलित युवती से दुष्कर्म के नाम पर वायरल वीडियो भ्रामक, हल्द्वानी और उन्नाव केस की क्लिप्स जोड़कर फैलाया जा रहा झूठ।
हाल ही में दिल्ली स्थित कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 21 सितंबर 2026 को एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की घटना हुई, जिसके बाद महिला सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े हुए हैं। इसी संदर्भ से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला एक लड़की को अपने सीने से लगाए रो रही है। जबकि वीडियो के दूसरी क्लिप में एक लड़की मीडिया से बात करते हुए अयोध्या के राम मंदिर में दलित महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साध रही है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अयोध्या स्थित राम मंदिर के अंदर एक दलित महिला के साथ हाल में हुई घटना से संबंधित है। वायरल वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया है…
राम मंदिर के अंदर दलित महिलाके साथ बलातकार #ट्रेडिंग #वायरल विडियो #
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में यह पता लगाया कि क्या वाकई में अयोध्या स्थित राम मंदिर के भीतर हाल ही में ऐसी कोई घटना हुई है। लेकिन हमें ऐसी कोई भी विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट या सूचना नहीं मिली जो इस वायरल दावे की पुष्टि करती हो।
चूंकि वायरल वीडियो में दो अलग-अलग अंश दिखाए गए हैं, इसलिए हमने एक-एक कर उनकी जांच की।
वीडियो-1
इसके लिए हमने वायरल वीडियो से फ्रेम लेकर उसे रिवर्स सर्च किया। परिणाम में हमें The Sentinel के इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट पर 6 मार्च 2026 को पोस्ट किया हुआ यह वीडियो मिला। वीडियो के साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, यह उत्तराखंड के हल्द्वानी की घटना है, जहां स्थित बुद्धा पार्क में एक महिला अपने ससुराल वालों द्वारा परेशान किए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थी।
फिर हमें News Express के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी यह वीडियो मिला, जिसे 6 मार्च 2026 को अपलोड किया गया था। वीडियो के साथ लिखे कैप्शन में बताया गया था कि यह मामला उत्तराखंड के हल्द्वानी का है, जहाँ गौलापार की रहने वाली दीक्षा पलारिया बुद्ध पार्क में धरने पर बैठ गईं और उन्होंने अपने ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। वीडियो वायरल होने के बाद पार्क में लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं, उनके परिवार के लोग भी कोतवाली हल्द्वानी पहुँचकर मामले में कार्रवाई की मांग करने लगे। धरने के दौरान अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
पंजाब केसरी – उत्तराखंड के फेसबुक पेज पर भी 6 मार्च 2026 को यह वीडियो पोस्ट किया गया था। इसके मुताबिक, एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में धरना दिया था।
साथ ही उत्तराखंड न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने पुलिस पर भी मामले में कार्रवाई नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए। वहीं धरने के दौरान पीड़िता की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था।
वीडियो-2
पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो का दूसरा हिस्सा कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन का है। दिसंबर 2025 में जब दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दी, तब इसके विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुए थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत एक्शन लेते हुए 29 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी थी। वीडियो में दिख रही युवती दरअसल कुलदीप सिंह सेंगर को मिली इसी जमानत की ही आलोचना कर रही है।
निष्कर्ष
तथ्यों की जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो फर्जी है। यह दो अलग-अलग घटनाओं के वीडियो को जोड़कर तैयार किया गया है। इसका अयोध्या राम मंदिर या किसी दलित महिला से जुड़ी दुष्कर्म की घटना से कोई संबंध नहीं है।