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29 सितंबर की तारीख बॉलीवुड के इतिहास में एक अनोखे बॉक्स ऑफिस श्राप के तौर पर दर्ज है, जिसने बड़े-बड़े सुपरस्टार्स का स्टारडम भी हिला दिया था. सलमान खान की ‘वीरगति’, संजय कपूर की ‘कर्तव्य’ और अभिषेक-ऐश्वर्या की ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ जैसी बहुत सराही गईं फिल्में इस दिन थिएटर में फ्लॉप हो गईं. लेकिन साल 2017 में इसी तारीख को वरुण धवन ने डेविड धवन के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘जुड़वा 2’ से ऐसी धमाकेदार वापसी की कि बॉलीवुड की साख बच गई. 200 करोड़ से ज्यादा कमाकर वरुण ने साबित कर दिया कि सही एंटरटेनमेंट से बदकिस्मत इतिहास भी बदला जा सकता है.
नई दिल्ली. 28 सितंबर बॉलीवुड के इतिहास में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में लेकर आया. वहीं अगले ही दिन 29 सितंबर को बॉक्स ऑफिस पर अचानक सूखा पड़ा, जिससे कई बड़े स्टार्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस तारीख को रिलीज हुई फिल्मों के आंकड़े बताते हैं कि बड़े से बड़े सुपरस्टार भी नाकामी के गुस्से से बच नहीं पाए. सलमान खान, संजय कपूर, अभिषेक बच्चन और अनुपम खेर की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गईं. ऐसे बुरे समय में सिर्फ वरुण धवन की फिल्म ही बॉलीवुड की डूबती नाव को पार लगाने और जबरदस्त कामयाबी हासिल करने में कामयाब रही. (फोटो बनाने में AI की मदद ली गई है.)
जुड़वा 2 (2017): वरुण धवन ने 29 सितंबर को रिलीज हुई फिल्मों के बुरे इतिहास को तोड़ते हुए बॉलीवुड को बड़ी राहत दी. डेविल और किंग ऑफ लव के अपने डबल रोल में वरुण धवन ने जबरदस्त परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया. डेविड धवन के डायरेक्शन में बनी यह एक्शन-कॉमेडी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई करने वाली फिल्म थी, जिसने भारत में 138 करोड़ और दुनिया भर में 227 करोड़ से ज्यादा की कमाई की. जहां दूसरे सुपरस्टार इस तारीख को फ्लॉप हो गए, वहीं वरुण धवन इस दिन एक बड़ी ‘सुपरहिट’ फिल्म देने वाले अकेले स्टार बने.
वीरगति (1995): 1990 के दशक में सलमान खान के स्टारडम के पीक पर, उनकी सीरियस एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘वीरगति’ 29 सितंबर 1995 को रिलीज हुई थी. केके सिंह के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सलमान खान ने एक ईमानदार और सख्त नौजवान का रोल किया था जो समाज की बुराइयों से लड़ता है. फिल्म का कंटेंट काफी डार्क और इंटेंस था, जो उस समय के आम दर्शकों को पसंद नहीं आया. नतीजतन, बहुत उम्मीदों के बावजूद फिल्म अपनी लागत वसूल नहीं कर पाई और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप घोषित कर दी गई.
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ढाई अक्षर प्रेम के (2000): 2000 में राज कंवर के डायरेक्शन में बनी ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ में अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन पहली बार बड़े पर्दे पर साथ आए. हॉलीवुड फिल्म ‘ए वॉक इन द क्लाउड्स’ पर आधारित इस रोमांटिक-ड्रामा फिल्म से मेकर्स और ऑडियंस दोनों को बहुत उम्मीदें थीं. फिल्म के गाने पॉपुलर हुए, लेकिन इसकी धीमी स्पीड और कमजोर स्क्रिप्ट ने ऑडियंस को थिएटर से दूर रखा. अपनी खूबसूरत लोकेशन के बावजूद, फिल्म ऑडियंस के दिलों में जगह नहीं बना पाई और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई.
कर्तव्य (1995): 29 सितंबर 1995 को बॉलीवुड को दोहरा झटका लगा, क्योंकि सलमान खान की ‘वीरगति’ संजय कपूर की ‘कर्तव्य’ से टकरा गई. राज कंवर की डायरेक्ट की हुई इस रिवेंज-एक्शन फिल्म में संजय कपूर ने एक फॉरेस्ट ऑफिसर के बेटे का रोल किया था जो अपनी मां के साथ हुए अन्याय का बदला लेता है. संजय कपूर के एक्शन और जूही चावला के होने के बावजूद, फिल्म की घिसी-पिटी कहानी ऑडियंस को अट्रैक्ट नहीं कर पाई और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई.
वो लम्हे (2006): महेश भट्ट के बैनर तले मोहित सूरी के डायरेक्शन में बनी ‘वो लम्हे’ मशहूर एक्ट्रेस परवीन बाबी की जिंदगी और मेंटल हेल्थ से उनके स्ट्रगल पर बेस्ड एक दिल को छूने वाली फिल्म थी. फिल्म में कंगना रनौत की एक्टिंग की क्रिटिक्स ने बहुत तारीफ की और ‘क्या मुझे प्यार है’ जैसे गाने चार्टबस्टर साबित हुए. हालांकि, अपनी डार्क और इमोशनल थीम की वजह से फिल्म थिएटर्स में ज्यादा ऑडियंस नहीं खींच पाई. क्रिटिक्स की तारीफ मिलने के बावजूद, इसे कमर्शियली फ्लॉप माना गया.
आज का रावण (2000): मिथुन चक्रवर्ती की ‘आज का रावण’ 29 सितंबर 2000 को B-ग्रेड और कम बजट की एक्शन फिल्मों के जमाने में रिलीज हुई थी. इमरान खालिद के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म क्राइम और जस्टिस के इर्द-गिर्द घूमती एक जबरदस्त एक्शन मूवी थी. इसके खराब डायरेक्शन, कमजोर डायलॉग और घिसे-पिटे स्क्रीनप्ले की वजह से ऑडियंस ने फिल्म को पूरी तरह से रिजेक्ट कर दिया. रिलीज के पहले हफ्ते में ही थिएटर खाली हो गए और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फ्लॉप साबित हुई.
कृष्णा (2006): 29 सितंबर 2006 को भगवान कृष्ण के बचपन पर बनी एनिमेटेड फिल्म ‘कृष्णा’ थिएटर में रिलीज हुई थी. इसका मकसद इंडियन सिनेमा में 3D एनिमेशन को प्रमोट करना था. उस समय, इंडियन ऑडियंस एनिमेटेड फिल्में देखने के लिए थिएटर जाने को तैयार नहीं थी. प्रमोशन की कमी और हॉलीवुड के मुकाबले खराब एनिमेशन क्वालिटी की वजह से, फिल्म ऑडियंस को अट्रैक्ट नहीं कर पाई. बॉक्स ऑफिस पर इसे डिजास्टर घोषित कर दिया गया.