जागरण संवाददाता, कानपुर। डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार के मरीजों से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी भरी है। हर दिन मच्छर जनित रोग, गैस्ट्रोएंटेराइटिस (उल्टी-दस्त), सर्दी-जुकाम, फ्लू और वायरल बुखार के 200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चे, बुजुर्ग व हर आयुवर्ग के मरीजों गंभीर लक्षणों के साथ डाक्टर के पास पहुंच रहे हैं। यह बातें दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में जीएसवीएम मेडिकल कालेज की उप प्राचार्य व मेडिसिन विभाग की प्रो. रिचा गिरि ने पाठकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कही। उन्होंने डेंगू-मलेरिया व वायरल फ्लू के लक्षण दिखने पर सतर्कता बरतने व डाक्टर की सलाह पर ही दवा लेने के लिए जागरूक किया। पेश है पाठकों से बातचीत के मुख्य अंश…
- डेंगू व फ्लू के लक्षण क्या एक जैसे होते हैं? – शिल्पी सिंह, बर्रा।
- फ्लू में बुखार, जुकाम व आंखों के पीछे सिर दर्द होता है। डेंगू के लक्षण भी ऐसे ही होते हैं, अगर शरीर में चकत्ते दिख रहे हैं तो यह डेंगू हो सकता है। फ्लू व डेंगू से बचाव के लिए जांच जरूर कराए। स्वाइन फ्लू फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। डेंगू, लिवर, गुर्दा व दिमाग को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए लक्षण दिखने पर डाक्टर को जरूर दिखाए। लक्षणों की अनदेखी व खुद से इलाज करने से बचें।
इन्होंने किए प्रश्न
शिवगोपाल बाजपेई, रावतपुर गांव। जय प्रकाश तिवारी, बर्रा एक। राम प्रकाश। भुवन जोशी, बर्रा विश्व बैंक। डा. रफीक अहमद, बेकनगंज। अर्चना बाजपेयी, पशुपति नगर।