सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक मैसेज में दावा किया जा रहा था कि मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंप मालिक डिजिटल पेमेंट्स पर लगने वाले मर्चेंट फीस के विरोध में 23 सितंबर को इंदौर में ‘नो-यूपीआई डे’ (No-UPI Day) मनाएंगे और 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन स्वीकार नहीं करेंगे।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IndianOil) ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है। इंडियन ऑयल ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंप मालिकों या डीलर्स एसोसिएशन की तरफ से ऐसी किसी भी पाबंदी या ‘नो-यूपीआई डे’ की घोषणा नहीं की गई है। कंपनी ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और बिना जांच-परख सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें शेयर न करें।
वायरल मैसेज को लेकर इंडियन ऑयल ने क्या बयान जारी किया है?
इंडियन ऑयल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में स्थिति साफ करते हुए कहा:
“पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन लगातार मंत्रालय के अधिकारियों के संपर्क में हैं। किसी भी ‘नो-यूपीआई डे’ की न तो कोई घोषणा की गई है और न ही ऐसी कोई सूचना दी गई है। पेट्रोल पंप डीलर्स देश में डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने में हमेशा आगे रहे हैं।”
कंपनी के अनुसार, यह भ्रामक दावा कुछ ऐसे लोगों द्वारा फैलाया गया था जिनका पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन से कोई संबंध नहीं है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में पेट्रोल पंपों पर यूपीआई के जरिए निर्बाध रूप से भुगतान की प्रक्रिया जारी रहेगी।
15 अक्तूबर 2026 से UPI के नए MDR फ्रेमवर्क का नियम क्या है?
इस अफवाह के पीछे की वजह 15 अक्बतूर 2026 से लागू हो रहा मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क है। नए नियमों के तहत दुकानदारों के लिए यूपीआई से भुगतान प्राप्त करना पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेगा।
- शुल्क की संरचना: 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% बेसलाइन MDR लागू होगा। उदाहरण के लिए, 5,000 रुपये के भुगतान पर मर्चेंट को 20 रुपये और 50,000 रुपये के भुगतान पर 200 रुपये का शुल्क लगेगा।
- अधिकतम सीमा: 75,000 रुपये से अधिक के बड़े भुगतानों पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये पर कैप कर दिया गया है। यानी राशि कितनी भी बड़ी क्यों न हो, मर्चेंट को 300 रुपये से ज्यादा शुल्क नहीं देना होगा।
- छोटे व्यापारियों को छूट: P2PM श्रेणी के छोटे विक्रेता (जो महीने में QR कोड से 1 लाख रुपये तक प्राप्त करते हैं) पर शून्य (0%) MDR लागू रहेगा।
क्या आम ग्राहकों को अब UPI से पेमेंट करने पर कोई अतिरिक्त चार्ज देना होगा?
नेपाल और भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई भुगतान पूरी तरह से मुफ़्त रहेगा।
- नो-हिडन चार्ज: किसी भी स्थानीय बाजार, पेट्रोल पंप या दुकान पर क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करके भुगतान करने पर ग्राहक से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा।
- लागत ट्रांसफर पर रोक: बैंकों और मर्चेंट्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे MDR की लागत ग्राहकों पर नहीं डाल सकते। इसके अलावा, यूपीआई ऐप्स को भी कोई प्लेटफॉर्म चार्ज वसूलने की अनुमति नहीं है।
पारंपरिक क्रेडिट और डेबिट कार्ड के मुकाबले UPI कितना किफायती है?
क्रेडिट कार्ड का मानक MDR आमतौर पर 1.5 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत और डेबिट कार्ड का MDR 0.90 प्रतिशत तक होता है। इसके मुकाबले यूपीआई का 0.4% (अधिकतम 300 रुपये कैपिंग) शुल्क व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए इसे सबसे सस्ता डिजिटल पेमेंट टूल बनाता है।
वर्ष 2016 में शुरुआत के बाद से पिछले एक दशक में यूपीआई ने अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है:
- वॉल्यूम में उछाल: FY 2016-17 में वार्षिक ट्रांजैक्शन वॉल्यूम महज 1.78 करोड़ था, जो FY 2025-26 में बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हो गया। यानी लगभग 13,000 गुना की वृद्धि।
- वैल्यू में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: कुल लेन-देन का मूल्य FY 2016-17 के 0.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY 2025-26 में 314 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जो 4,000 गुना से अधिक की छलांग को दर्शाता है।
