चिराग पासवान ने एनडीए छोड़ने के लिए नहीं दिया भाजपा को कोई अल्टीमेटम, भ्रामक दावे के साथ पुराना वीडियो वायरल।
हाल ही में बिहार के जमुई में 19 सितंबर 2026 की देर शाम नाबालिग छात्रा से छेड़खानी और समस्तीपुर में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध को लेकर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने शर्मिंदगी व्यक्त करते हुए बिहार सरकार से कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी।
इसके बाद से सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एबीपी न्यूज की एक क्लिप दिखाई दे रही है। इसमें पासवान एक मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए जनता को उनके अधिकारों के बारे में आश्वस्त करते हैं। वे कहते हैं कि जब तक वे सरकार में हैं, लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। वे आगे कहते हैं कि अगर उन्हें लगता है कि उनके लोगों के साथ अन्याय हो रहा है या उनकी आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है, तो वे अपने पिता की तरह ही मंत्री पद छोड़ने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को साझा करते हुए दावा कर रहे हैं कि चिराग पासवान ने हाल के घटनाक्रम को देखते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ यह बयान दिया और गठबंधन छोड़ने की धमकी दी। वायरल वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया है…
NDA में कुछ भी ठिक नही । मोदी सरकार की पोल खुद मोदी के हनुमान खोल रहे है । संविधान और आरक्षण से खिलवाड़ हुआ तो छोड़ दुगा मंत्री पद – चिराग पासवान
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यह वीडियो एबीपी न्यूज के यूट्यूब अकाउंट पर 1 अक्टूबर 2024 को अपलोड किया हुआ मिला। वीडियो के साथ यह बताया गया था कि, पटना के एसके मेमोरियल हॉल में पार्टी के एससी-एसटी प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में चिराग पासवान शामिल हुए थें जहां उन्होंने यह बयान दिया था। वीडियो से पुष्टि हुई कि पासवान ने हाल में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
इसके बाद हमें जागरण डॉट कॉम की वेबसाइट पर भी एक खबर मिली,जिसे एक अक्टूबर 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया गया था कि, पटना में आयोजित लोजपा के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ की बैठक में चिराग ने दो टूक कहा कि वह अपनी और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं कर सकते। इस दौरान उन्होंने कहा था कि उनके पिता रामविलास पासवान ने भी मंत्री पद छोड़ने में देरी नहीं की थी। रिपोर्ट में आगे लिखा गया है, चाहे किसी भी गठबंधन में रहूं, किसी भी मंत्री पद पर रहूं, जिस दिन मुझे लगा कि संविधान और आरक्षण के साथ खिलवाड़ हो रहा है, मंत्री पद को लात मार दूंगा। जैसे मेरे पिता ने एक मिनट में मंत्री पद त्याग दिया था, उसी तरह एक मिनट में मंत्री पद त्याग दूंगा।
ऐसी ही रिपोर्ट 1 अक्टूबर, 2024 को द टाइम्स ऑफ इंडिया में भी प्रकाशित की गई है जिसके अनुसार, चिराग पासवान ने पटना में एलजेपी (राम विलास) के एससी/एसटी विंग के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, “यदि संविधान या आरक्षण के साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया जाता है, तो मैं अपने मंत्री पद से इस्तीफा देने में एक मिनट भी संकोच नहीं करूंगा।”
ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर 2024 को पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के SC-ST प्रकोष्ठ का अभिनंदन समारोह हुआ था। इस कार्यक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह भरोसा दिला रहे हैं कि वे उनके हक और अधिकारों की रक्षा करेंगे, इसलिए उन्हें इसकी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
हालांकि यह सच है कि पासवान ने जमुई की घटना सहित महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ और अपराधों से जुड़े हालिया मामलों की एक श्रृंखला को लेकर बिहार सरकार की आलोचना की है। ‘द हिंदू’ की 28 सितंबर 2026 की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पासवान ने कहा कि उन्हें सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है और उन्होंने पुलिस व प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एनडीए के सहयोगी और सरकार के सदस्य के रूप में वे इस स्थिति के लिए अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।
ऐसे में स्पष्ट होता है कि उनका एक पुराना वीडियो हालिया घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है।
निष्कर्ष
तथ्यों की जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। चिराग पासवान के एक पुराने वीडियो को बिहार की हालिया घटनाक्रम से जोड़ कर भ्रामक रूप में फैलाया जा रहा है।