बुधवार को नेपाल में आई तबाही की झलकियां सोशल मीडिया पर खूब छाई हैं, जो खौफनाक हैं। अब इन झलकियों के साथ ही हॉलीवुड फिल्म ‘2012’ के कुछ क्लिप सामने आए हैं जिन्हें देखकर लोगों ने कहना शुरू किया है कि इस तबाही की भविष्यवाणी तो बरसों पहले कर दी गई थी।

फिल्म की इन झलकियों की तुलना लोग अब नेपाल में आई आपदा के वीडियो से कर रहे हैं जिसमें सब वैसा ही दिख रहा है जैसा फिल्म में दिखाया गया था। जॉन कुसैक, अमांडा पीट और चिवेटेल एजियोफोर स्टारर फिल्म ‘2012’ का ये वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है।
‘फिल्म 2012 में तो इसकी भविष्यवाणी पहले ही कर दी गई थी’
विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बाढ़ के उफान की तस्वीरें और ढेर सारे वीडियो सामने आए हैं। एक शख्स ने वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कहा है, ‘ऐसा लग रहा है कि फिल्म 2012 में तो इसकी भविष्यवाणी पहले ही कर दी गई थी।’
विशाल सुनामी की लहरें पहाड़ों को चीरते हुए उफान पर
इसी के साथ फिल्म के एक प्रमोशनल पोस्टर ने भी लोगों का ध्यान खींच लिया है, जिसमें एक बौद्ध भिक्षु पहाड़ की चोटी पर खड़ा है और विशाल सुनामी की लहरें पहाड़ों को चीरते हुए उफान पर नजर आ रही हैं। पोस्टर पर यह टैगलाइन भी लिखा है- हमें चेतावनी दी गई थी।
विनाशकारी बाढ़ का CCTV फुटेज दिल दहला देने वाला है
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर लोगों ने कॉमेंट करते हुए कहा है, ‘नेपाल के ये सीन बिल्कुल 2012 की फिल्म जैसे हैं।’ एक अन्य व्यक्ति ने कहा, ‘तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ का CCTV फुटेज दिल दहला देने वाला है! यह किसी प्रलयकारी सीन जैसा लग रहा है, जैसे- द डे आफ्टर टुमॉरो या फिल्म 2012 जैसी फिल्मों से लिया गया हो।’
‘कुछ हिस्सों में पहाड़ों जितनी ऊंची बाढ़ आई है’
एक अन्य यूजर ने कहा, ‘क्या आपको फिल्म 2012 के विशाल बाढ़ के सीन याद हैं? तिब्बत के कुछ हिस्सों में पहाड़ों जितनी ऊंची बाढ़ आई है, वहीं नेपाल भी विनाशकारी बाढ़ का सामना कर रहा है।’ वहीं एक और शख्स ने कहा, ‘मैंने अब तक जो सबसे खतरनाक चीज देखी है, वो फिल्म 2012 फिल्म जैसी है।
वहां के लोगों के लिए यह हकीकत बन गई है
एक ने कहा है, ‘तिब्बत/नेपाल में आई बाढ़ का वीडियो देखकर मुझे पर्यावरण को लेकर बहुत चिंता हो रही है, जैसे कि मुझे 2012 और द डे आफ्टर टुमॉरो जैसी फिल्में याद आ रही हैं, जो साइंस फिक्शनल मानी जाती थीं, लेकिन वहां के लोगों के लिए यह हकीकत बन गई है।’
हजारों मीटर ऊंची पानी की लहर उठती है
आइए बात करते हैं फिल्म ‘2012’ के बारे में जिसमें काल्पनिक तौर पर आपदा को बड़े पैमाने पर भूवैज्ञानिक परिवर्तनों के कारण होने वाली वैश्विक आपदाओं की एक सीरीज को दिखाया गया है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि बड़े पैमाने पर जमीन के अंदर हुए भूस्खलन के कारण समुद्र का स्तर बढ़ जाता है और एक विशाल सुनामी आती है, जिससे हजारों मीटर ऊंची पानी की लहर उठती है और आखिरकार वो हिमालय से टकराती है।
ऊंचीं-ऊंची इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं
फिल्म में लोगों की जान बचाने के लिए तिब्बत के पर्वतों के बीच एक नाव को गुप्त रूप से तैनात किया जाता है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने जो तबाही मचाई है उसमें गांव, सड़कें और और ऊंचीं-ऊंची इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। बताया जा रहा है कि विदेशी पर्यटकों समेत वहां करीब 400 से अधिक लोग लापता हैं। हालांकि, ये संख्या अभी और बढ़ सकती है।
लोगों को आपदा की कोई चेतावनी नहीं मिली
‘द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, यह बाढ़ उस वक्त आई जब एक हिमस्खलन (एवलांच) ने भोटेकोशी की सहायक नदी ‘ल्हेन्डे’ के बहाव को रोक दिया और सबसे पहले रसुवागढ़ी में नेपाल-चीन सीमा के पास ‘तिमुरे’ इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि उस इलाके में बारिश की कोई सूचना नहीं थी, इसलिए लोगों को आपदा की कोई चेतावनी नहीं मिली और जब बाढ़ आई तो वे अपने रोजमर्रा के कामों में लगे हुए थे।

