‘पैसा ले लो सीट दे दो’, ट्रेन सीट ना मिलते हुए महिला ने रोते हुए बनाया वीडियो, बोली- सब जेब भरने में लगे है! – woman cries over not getting seat in train after being ready to pay penalty people feel sad for her


किसी शरीफ इंसान के लिए ट्रेन में बेटिकट सफर करना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता है! ऐसे में सीट ना मिलने पर एडजस्ट करना पहली चीज होती है। मगर इंटरनेट पर जो वीडियो वायरल है, उसमें महिला के साथ कोई एडजस्ट करने को भी तैयार नहीं होता! ऐसे में वह वीडियो बनाकर फूट-फूटकर रोती नजर आती है।

ट्रेन में सीट ना मिलने पर रोई महिला
ट्रेन में बेटिकट सफर करना कानूनन अपराध है और पकड़े जाने पर जुर्माना लगता है। चलिए, ये तो हुई नियम-कानून की बात, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि ट्रेन में हर किसी को टिकट और सीट मिलती। हर कोई शौक में बेटिकट या जनरल का टिकट लेकर स्लीपर में सफर नहीं कर रहा होता। बल्कि जनरल की बोगी की खचाखच भीड़ कई बार उसने भी नहीं देती। इंटरनेट पर वायरल वीडियो में महिला का दर्द भी कुछ ऐसा ही होता है।

‘पैसा ले लो सीट दे दो’

कोलकाता क्वीन सपना नाम से इंस्टाग्राम पर मौजूद इंफ्लूएंसर सपना सिंह का एक वीडियो 2 अक्टूबर से वायरल है। जिसमें वह रोते हुए यह बताती नजर आ रही है कि उन्होंने हावड़ा से ट्रेन ली थी और उन्हें स्लीपर में बैठने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। हर थोड़ी देर में उन्हें ट्रेन में इधर से उधर जाकर बैठना पड़ रहा है। वीडियो में वो यहां तक कहती है कि ‘पैसा ले लो सीट दे दो’, मगर फिर भी सीट ना मिलने पर वह रोती नजर आती है।

सब जेब भरने में लगे हैं!

इमोशनल तौर पर सपना इस बात पर खुद को कंट्रोल नहीं कर पाती कि उन्हें सीट नहीं मिल रही है। वह रोते हुए रेलवे में महिला सुरक्षा का भी मुद्दा उठाती है। उनका कहना होता है कि यहां हर कोई अपनी जेबें भरने में लगा है! सपना बताती है कि वो पैसे देने को भी तैयार थी, लेकिन उन्हें सीट नहीं मिल पाई। उनका कहना होता है कि टीटीई उनका टिकट भी नहीं बना रहा है।

इंडियन रेलवे में लड़की की सेफ्टी!

कई बार ट्रेन में सीट ना होने पर टीटीई भी मजबूर होता है कि वह पैसेंजर्स को कहां एडजस्ट करें। सपना सिंह ने इस वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि ‘ये हैं इंडियव रेलवे में वुमेन सेफ्टी।’ 76 लाख व्यूज के साथ यह वीडियो बीते 23 घंटों से वायरल है। अब तक इस वीडियो पर 18 हजार से अधिक कमेंट्स आए है।

सुरक्षा अपनी जगह, नियम अपनी जगह

कमेंट सेक्शन में जनता सपना की इस वीडियो पर बंटी नजर आ रही है। एक ओर जहां लोग उनका सपोर्ट करते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लोग उन्हें रेलवे के नियम-कायदों को मानने की सलाह भी दे रहे हैं। एक यूजर का कमेंट है कि सुरक्षा अपने जगह है, लेकिन रेल्वे का कुछ नियम कायदा कानून भी है, उसको भी पालन करना चाहिए। दूसरे यूजर ने कहा कि टिकट खरीदीए, फिर अपने अधिकार मांगिए।

लेखक के बारे मेंप्रखर पाण्डेयप्रखर पाण्डेय नवभारतटाइम्स.कॉम में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 3.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वायरल जर्नलिज्म में विशेषज्ञता रखने वाले प्रखर ने अब तक 3100 से अधिक लेख लिखे हैं। वह सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X/Twitter, Reddit, Threads और Facebook) की नब्ज पहचानने में माहिर हैं। प्रखर की विशेषता केवल ट्रेंड्स को पकड़ना ही नहीं, बल्कि इंडियन रेलवे और ट्रेन यात्राओं से जुड़ी ऐसी ‘फ्रेश’ और ‘यूनिक’ खबरें सामने लाना है, जो सीधे आम आदमी के जीवन को प्रभावित करती हैं।प्रखर मानते हैं कि ‘वायरल’ होने का अर्थ केवल सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि कंटेंट की गहराई और उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित करना है। यही कारण है कि वे किसी भी सोशल मीडिया स्टोरी को पब्लिश करने से पहले मूल सोर्स या पोस्ट करने वाले व्यक्ति से संपर्क कर उसकी सत्यता की जांच करते हैं। साल 2025 में उनके द्वारा कवर की गई ‘ढाबे पर फौजियों’ की कहानी इसका प्रमाण है, जिसने न केवल लोगों को दिल जीता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता के कारण सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना भी पाई।एक Gen-Z लेखक होने के नाते प्रखर को आज की युवा पीढ़ी की पसंद और डिजिटल व्यवहार की गहरी समझ है। वे वायरल कंटेंट के ‘हल्केपन’ को कम करने के लिए उसमें मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सीख को पिरोते हैं, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उससे जुड़ाव महसूस करें। मनोरंजन, खेल और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उनकी पैनी नजर उनके लेखों को अधिक सूचनात्मक और ट्रेंडी बनाती है।शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्रखर ने फिल्म सिटी स्थित गुलशन कुमार जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट (नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त) से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में BA किया है। इसके अलावा, उन्होंने प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज से राजनीति विज्ञान में MA की डिग्री हासिल की है। यह शैक्षणिक आधार उन्हें खबरों को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समझने में मदद करता है।नवभारत टाइम्स के साथ जुड़ने से पहले, प्रखर ने करीब पौने दो साल जागरण.कॉम में अपना योगदान दिया था, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स, एस्ट्रो और लाइफस्टाइल जैसी विभिन्न बीट्स पर हजारों वेब स्टोरीज कवर कीं। प्रखर का उद्देश्य जटिल से जटिल खबर को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि वह हर आम आदमी के लिए उपयोगी साबित हो सके।… और पढ़ें



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