प्रवीण तरडे की बॉलीवुड को फटकार- नाना पाटेकर के अंतिम संस्‍कार से क्‍यों गायब थे परफ्यूम लगाने वाले सेलेब्‍स? – pravin tarde slams bollywood asks why perfume-wearing celebs did not show up for nana patekar last rites


एक्‍टर, फ‍िल्ममेकर और ‘देऊळ बंद 2’ फेम प्रवीण तरडे ने बॉलीवुड को कड़ी फटकार लगाई है। उन्‍होंने दिवंगत नाना पाटेकर के अंतिम संस्‍कार में हिंदी सिनेमा के सितारों की गैर मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। मूल रूप से मराठी फिल्‍मों में काम करने वाले प्रवीण तरडे ने कहा कि जो लोग नाना पाटेकर को अपना दोस्त मानते थे, उन्हें उनके अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए था। हालांकि, उन्‍होंने यह भी कहा कि फ‍िल्‍म इंडस्ट्री के लोगों का नहीं आने से नाना का कद कम नहीं होता। सलमान खान के साथ ‘राधे’ में काम कर चुके प्रवीण तरडे पूछते हैं- क्‍या बॉलीवुड नाना पाटेकर से बड़ा है?

नाना पाटेकर का बीते 8 अक्टूबर को गोवा में कार्डियक अरेस्‍ट के कारण 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार सुबह 5:20 बजे वह अचानक इस दुनिया से विदा हो गए। उनकी मौत ने जहां हर किसी को सदमा दिया है, वहीं पुणे में एक्‍टर के पैतृक गांव डोंजे में उनके अंतिम संस्‍कार पर बॉलीवुड से कोई बड़ा सितारा नहीं पहुंचा। हालांकि, नाना पाटेकर को राजकीय सम्‍मान के साथ विदा किया गया और उप मुख्‍यमंत्री एकनाथ श‍िंदे भी वहां पहुंचे थे।

बॉलीवुड के लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए, लेकिन इससे नाना की महानता कम नहीं होती। वहां कई हजार किसान शामिल हुए। वह किसान, बॉलीवुड में परफ्यूम लगाने वाले सेलेब्‍स से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

प्रवीण तरडे, एक्‍टर-डायरेक्‍टर

प्रवीण तरडे की दो टूक- बॉलीवुड नाना से बड़ा नहीं है, वो बहुत महान व्यक्ति थे

‘एबीपी मांझा’ से बात करते हुए 51 साल के प्रवीण तरडे कहते हैं, ‘वैसे तो नाना पाटेकर के महत्व को उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने वाली बॉलीवुड हस्तियों की संख्या से नहीं मापा जा सकता। लेकिन यह गलत है। उन्‍होंने अपने काम और आम लोगों के साथ अपने जुड़ाव से सम्मान कमाया था। बॉलीवुड के लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए, लेकिन इससे नाना की महानता कम नहीं होती। बॉलीवुड नाना से बड़ा नहीं है। नाना बहुत महान व्यक्ति थे। नाना की अंतिम यात्रा में कई हजार किसान शामिल हुए। उनके शरीर से पसीने और मिट्टी की महक आ रही थी। वह किसान, बॉलीवुड में परफ्यूम लगाने वाले सेलेब्‍स से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।’

प्रवीण तरडे बोले- धुले का एक छोटा किसान भी बॉलीवुड के हीरो से ज्यादा महान है

प्रवीण तरडे ने नाना पाटेकर की पहचान और खेती करने वाले समुदायों के साथ उनके जुड़ाव के बारे में भी बात करते हुए कहा, ‘नाना पाटेकर ने कभी भी खुद को सिर्फ अपने बॉलीवुड करियर से परिभाषित नहीं किया। मेरी राय में, धुले से आया एक किसान बॉलीवुड के हीरो से कहीं ज्यादा महान है। इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। नाना ने कब कहा कि वह बॉलीवुड से हैं? नाना हमेशा कहते थे कि वह एक किसान हैं।’

कम से कम, जिन्हें नाना अपना दोस्त कहते थे, उन्हें वहां होना चाहिए था। जैकी श्रॉफ और सुरेश वाडकर शामिल हुए थे।

प्रवीण तरडे, एक्‍टर-डायरेक्‍टर

‘जिन्हें नाना अपना दोस्त कहते थे, उन्हें वहां होना चाहिए था’

हालांकि, प्रवीण तरडे ने इस बात पर जोर दिया कि बॉलीवुड सितारों के अंतिम संस्‍कार में नहीं पहुंचने से उन्‍हें निराशा हुई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को दिवंगत अभिनेता अपना दोस्त मानते थे, उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए था। वह बोले, ‘अगर आप पूछें कि क्या मुझे कोई शिकायत है, तो हां, है। बॉलीवुड के लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए था। कम से कम, जिन्हें नाना अपना दोस्त कहते थे, उन्हें वहां होना चाहिए था। जैकी श्रॉफ और सुरेश वाडकर शामिल हुए थे।’

मुंबई में किसी छोटे-मोटे अभिनेता की मौत होती है, तो लोग सफेद कपड़े पहनकर लाइन लगाते हैं। लेकिन जब नाना की बात आई…

प्रवीण तरडे, एक्‍टर-डायरेक्‍टर

‘मुंबई में छोटे-मोटे एक्‍टर की मौत पर भी लोग लाइन लगाते हैं’

प्रवीण तरडे ने नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में लोगों की मौजूदगी की तुलना, मुंबई में कम मशहूर अभिनेताओं की मौत पर मिलने वाली प्रतिक्रिया से की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ‘नाना पाटेकर जैसे कद के अभिनेता को सम्मान देने के लिए बॉलीवुड के लोग क्यों नहीं आए? जबकि मुंबई में किसी छोटे-मोटे अभिनेता की मौत होती है, तो लोग सफेद कपड़े पहनकर लाइन लगाते हैं। लेकिन जब नाना की बात आई… खैर, किसान वहां थे और हम भी वहां थे।’

नाना पाटेकर के अंतिम संस्‍कार में शामिल हुए अनीस बज्मी, राहुल देश पांडे

नाना पाटेकर हमेशा से खुद को महाराष्ट्र में ग्रामीण समुदायों और किसानों के साथ जुड़ा हुआ मानते थे। डोंजे गांव में उनका फार्महाउस है, वहीं वह अपना दिन ब‍िताते थे। किसानों और गरीबों के लिए अनगिनत बार नाना ने मदद का हाथ बढ़ाया। गुरुवार, 08 अक्‍टूबर की देर रात नाना पाटेकर की इच्‍छानुसार डोंजे गांव में उनकी पैतृक जमीन पर भी उनका अंतिम संस्‍कार किया गया। बेटे मल्‍हार पाटेकर ने मुखाग्‍न‍ि दी। इस मौके पर सिनेमा की दुनिया से जैकी श्रॉफ, अनीस बज्मी, मकरंद अनासपुरे, प्रसाद ओक, गायक राहुल देशपांडे और सुरेश वाडकर जैसी हस्तियां मौजूद थीं।

लेखक के बारे मेंस्वपनल सोनलस्वपनल सोनल, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास 14 वर्षों का अनुभव है। वह एंटरटेनमेंट एडिटर के तौर पर सिनेमा और सितारों की दुनिया को कवर कर रहे हैं। उनकी विशेष रुचि मनोरंजन के बदलते स्‍वरूप यानी OTT पर वेब सीरीज, फ‍िल्‍म समीक्षा और बॉक्‍स ऑफिस के आंकड़ों में है। इसके अलावा, स्‍वपनल ने अपने करियर में राजनीति, समसामयिक घटनाओं, टेक्‍नोलॉजी और वायरल ट्रेंड्स जैसी बीट पर भी काम किया है। वह बीते 8 साल से NBT (Digital) के साथ जुड़े हुए हैं। उन्‍होंने जयपुर लिटरेचर फेस्‍टव‍िल और प्रवासी भारतीय सम्‍मेलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। वे भारतीय जनसंचार संस्‍थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्‍लोमा, और गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी से जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं। उन्‍होंने अंग्रेजी साहित्‍य में स्‍नातक की डिग्री ली है।… और पढ़ें



Source link

Related posts

हॉलीवुड हॉटलाइन : ये कैसी समाजसेवा मैडम जी..?.. एडल्ट फिल्मों से कमाई और उसी पैसे से बेजुबानों की भलाई!

विद्युत जामवाल के मुरीद हुए WWE फाइटर कोडी रोड्स, फ‍िटनेस देख एंड्रयू शुल्‍ज बोले- वो इंडिया के जैकी चेन हैं – wwe fighter cody rhodes praise vidyut jammwal seeing his fitness andrew schulz called him jackie chan of india

एआई चुपचाप हॉलीवुड को बदल रहा है: इसका 23 लाख नौकरियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?