प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक इवेंट में बातें करते हुए हॉलीवुड में अपने करियर पर बातें कीं। प्रियंका उन भारतीय कलाकारों में से हैं जिन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड दोनों में सफलता हासिल की है। हालांकि, उनका मानना है कि हॉलीवुड में उनका काम भारतीय सिनेमा में किए गए काम की तुलना में फीका है।
प्रियंका ने कम बजट की सफल हॉरर फिल्म ‘ऑब्सेशन’ का उदाहरण देते हुए कहा कि आज के दौर में प्रतिभाशाली लोगों के लिए अवसरों के नए दरवाजे खुल रहे हैं। बुधवार को आयोजित कैंस लायंस सम्मेलन में शामिल हुईं प्रियंका ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगर आपके पास कोई अच्छा विचार है तो आप उसे शूट कर सकते हैं, यूट्यूब पर डाल सकते हैं और वह ऑब्सेशन जैसी फिल्म बन सकती है, जो हाल ही में रिलीज हुई है।’
‘एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए यह बेहद शानदार समय’
उन्होंने आगे कहा, ‘एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए यह बेहद शानदार समय है, क्योंकि आज के दौर में विचार ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी हैं।’प्रियंका ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब हालात इतने आसान नहीं थे। पिछले एक दशक से हॉलीवुड में अपना करियर बना रहीं एक्ट्रेस ने कहा कि शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि उनका फिल्मी दुनिया से कोई संबंध नहीं था।
अंग्रेजी भाषा के सिनेमा में उनका बड़ा काम अभी आना बाकी है
प्रियंका ने बुधवार को कान्स लायंस सम्मेलन में बोलते हुए हॉलीवुड में अपने करियर पर बात की और अपने काम को और विस्तार देने की अपनी इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि अंग्रेजी भाषा के सिनेमा में उनका बड़ा काम अभी आना बाकी है।
‘हॉलीवुड में मैंने वास्तव में उतना नहीं किया है’
उन्होंने कहा, ‘अपने हिंदी भाषा के फिल्मी करियर में मैंने सभी बेहतरीन फिल्ममेकर्स और बेहतरीन एक्टर्स के साथ काम किया है, मैंने अद्भुत कहानियां सुनाई हैं और अलग-अलग शैलियों में काम किया है। जबकि अमेरिका में, हॉलीवुड में, अपने अंग्रेजी भाषा के काम में, मैंने वास्तव में उतना नहीं किया है।’
अपने हिंदी भाषा के फिल्मी करियर में मैंने सभी बेहतरीन फिल्ममेकर्स और बेहतरीन एक्टर्स के साथ काम किया है, मैंने अद्भुत कहानियां सुनाई हैं और अलग-अलग जॉनर में काम किया है। जबकि अमेरिका में, हॉलीवुड में, अपने अंग्रेजी भाषा के काम में, मैंने वास्तव में उतना नहीं किया है।
प्रियंका चोपड़ा
‘नहीं पता था कि फिल्म इंडस्ट्री में कैसे आगे बढ़ना है’
उन्होंने कहा, ‘मेरे माता-पिता डॉक्टर थे, इसलिए हममें से किसी को भी यह नहीं पता था कि फिल्म इंडस्ट्री में कैसे आगे बढ़ना है। जब मैंने शुरुआत की थी, तब यह बहुत सीमित और खास लोगों तक पहुंच वाला क्षेत्र था। अगर आपको फिल्म निर्माण में आना होता था तो पहले यह तय करना पड़ता था कि आप किस विभाग में काम करना चाहते हैं।’
मेरे माता-पिता डॉक्टर थे, इसलिए हममें से किसी को भी यह नहीं पता था कि फिल्म इंडस्ट्री में कैसे आगे बढ़ना है। जब मैंने शुरुआत की थी, तब यह बहुत सीमित और खास लोगों तक पहुंच वाला क्षेत्र था। अगर आपको फिल्म निर्माण में आना होता था तो पहले यह तय करना पड़ता था कि आप किस विभाग में काम करना चाहते हैं।
प्रियंका चोपड़ा
‘मुझे बताया जाता था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जितना ग्लोबल नहीं होगा’
प्रियंका ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें बताया गया था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जितना ग्लोबल नहीं बन पाएगा, क्योंकि भारतीय फिल्में अंग्रेजी भाषा में नहीं होतीं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया जाता था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जितना ग्लोबल नहीं होगा, क्योंकि हमारी फिल्में अंग्रेजी में नहीं बनतीं और हर कोई हिंदी, तेलुगु, मराठी या अन्य भारतीय भाषाओं को नहीं समझता।’
प्रियंका ने कहा- अपना प्रॉडक्शन हाउस क्यों शुरू किया
एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस इसलिए शुरू किया ताकि नए फिल्ममेकर्स और उन क्रिएटिव लोगों को मंच मिल सके, जिनके पास बेहतरीन विचार तो हैं लेकिन इंडस्ट्री के दरवाजे खोलने के लिए जरूरी संसाधन या संपर्क नहीं हैं। प्रियंका ने कहा, ‘मैं ऐसे नए फिल्मकारों का समर्थन करना चाहती हूं जिनके पास शानदार विचार हैं, लेकिन उनके पास उन अवसरों तक पहुंच नहीं है, जिन तक मैं उन्हें पहुंचाने में मदद कर सकती हूं।’
ग्लोबल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नई संभावनाएं पैदा हुई
प्रियंका का मानना है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और कोविड-19 महामारी के दौरान बदली दर्शकों की आदतों ने दुनिया भर की सामग्री को नए दर्शक दिए हैं। उनके अनुसार, अब लोग विभिन्न देशों और भाषाओं की कहानियों को पहले से कहीं ज्यादा अपनाने लगे हैं, जिससे ग्लोबल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।
‘अपना सामान पैक करके फिल्म देखने नहीं निकल जाती’
उन्होंने मां बनने के बाद अपनी जिंदगी में बदलाव पर बातें करते हुए कहा, ‘आपकी प्रायॉरिटीज वाकई बदल जाती हैं। अब मैं यूं ही अपना सामान पैक करके फिल्म देखने नहीं निकल जाती। मैं साल में पांच फिल्में नहीं करती। मैं अब पहले की तरह ट्रैवल नहीं करती। मैं अपना समय और अपने साथ बिताने वाले लोगों को लेकर बहुत ही चुनिंदा हो गई हूं, मैं कामकाजी मां की जिंदगी को संभाल रही हूं। अब मेरे मन में अपनी मां के लिए बहुत ज्यादा सम्मान है।’