बिहार में खाने-पीने की चीजों में मिलावट को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं. इस बार मामला मछलियों को रंग लगाकर ताजा दिखाने के आरोप से जुड़ा है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को कटिहार शहर के मिर्चाईबाड़ी मछली बाजार का बताया जा रहा है. वीडियो में एक महिला मछली पर लाल रंग जैसा पदार्थ लगाती दिखाई दे रही है. दावा किया जा रहा है कि ऐसा करके पुरानी या बाहर से लाई गई मछलियों को ताजा और स्थानीय तालाब की मछली जैसा दिखाया जाता है.
वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है. वहीं, कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को कानूनी अपराध बताते हुए जांच और कार्रवाई की बात कही है. हालांकि, वायरल वीडियो में इस्तेमाल किए गए पदार्थ की वास्तविक प्रकृति और उसकी गुणवत्ता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
मछली पर लाल रंग लगाने का VIDEO वायरल
वायरल वीडियो में एक महिला प्लास्टिक के डिब्बे में रखे लाल और हल्दी जैसे रंग के पदार्थ से मछली पर लेप लगाती दिखाई देती है. वीडियो में दुकानदार अपना नाम डब्लू बताता है और स्वीकार करता नजर आता है कि मछली पर रंग लगाया जा रहा है.
वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की पहचान संतोष बजाज के रूप में बताई गई है. उनके मुताबिक, उन्होंने मछली पर रंग लगाने का दृश्य देखकर वीडियो बनाया, ताकि इस मामले को सामने लाया जा सके. उन्होंने संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है. हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले पदार्थ को सिंथेटिक रंग या जहरीला केमिकल बताने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है.
मछली को रंग लगाकर बेचने का क्या है आरोप?
स्थानीय लोगों के दावे के मुताबिक, कुछ विक्रेता पुरानी या दूसरे इलाकों से लाई गई मछलियों को रंग लगाकर ताजा और स्थानीय मछली जैसा दिखाने की कोशिश करते हैं. इससे ग्राहक मछली को ताजा समझकर खरीद सकते हैं.
वीडियो बनाने वाले संतोष बजाज का कहना है कि उन्होंने पहले भी सब्जियों को रंग लगाकर बेचने की शिकायतें देखी थीं. उनके मुताबिक, उनके परिवार के कुछ सदस्य पहले रंग लगी सब्जी खाने के बाद फूड पॉइजनिंग से बीमार पड़ गए थे. हालांकि, उस घटना और कथित रंग के बीच चिकित्सकीय संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. देखें VIDEO:-
RJD ने खाने-पीने की चीजों में मिलावट को लेकर सरकार को घेरा
मछली का वीडियो सामने आने के बाद RJD ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्य सरकार पर सवाल उठाए. पार्टी ने आरोप लगाया कि बिहार में खाद्य पदार्थों में मिलावट की कई समस्याएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है.
RJD ने अपनी पोस्ट में मछलियों पर रंग लगाने के अलावा सब्जियों और फलों को रंगने, पनीर में मिलावट, दूध उत्पादन में ऑक्सीटोसिन के कथित इस्तेमाल, ब्रेड में हानिकारक रसायनों और दूषित पेयजल जैसे मुद्दे उठाए.
पार्टी ने बिहार के बाजारों में नकली पनीर की बिक्री और कुछ खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल को लेकर भी दावे किए हैं. इन सभी दावों की पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्टों और आधिकारिक आंकड़ों से अलग-अलग की जानी जरूरी है.
आपको लगता है कि सातवीं फेल सम्राट सरकार में खाने में मिलावट को लेकर कोई चिंता है? गंभीरता कदम उठाने की बुद्धिमत्ता या परिपक्वता है? • मछली पर हानिकारक रंग! • ठेलों, रेस्टोरेंट में चाइनीज व्यंजनों में प्रतिबंधित हानिकारक लाल रंग! • उथले हैंडपंप के कारण बिहार के 32 जिलों में आर्सेनिक से लेकर यूरेनियम से दूषित जल से गर्भपात से लेकर कैंसर तक होने की लगातार बढ़ती शिकायतें! • बिहार के बाजार में बिक रहा 83% पनीर नकली पाया गया! • कटिहार जंक्शन में छीले हुए खीरे को हरे रंग में डूबा कर बेचा जा रहा था! • गाय, भैंस का दूध उतारने के लिए oxytocin का इंजेक्शन दिया जाता है! • ब्रेड/डबल रोटी में कैंसरकारक करने वाले केमिकल पाए गए! • फलों को ताजा दिखाने के लिए उन पर हानिकारक चमकीले पदार्थ और अंदर फलों को मीठा बनाने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर एवं चटख रंगों के इंजेक्शन लगाकर बेचे जा रहे हैं! • सूख रही सब्जियों को हरे रंग में डूबाकर बेचा जाता है! • कच्चे फलों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है जिससे किडनी, लीवर और आंत की बीमारियां होती हैं, कैंसर तक होता है! • मछली को ताजा रखने के लिए हानिकारक तेल से लेप किया जाता है, जिसमें mercury और lead जैसे भारी धातु होते हैं जो किडनी, लीवर और अन्य अंग सदा के लिए खराब कर देते हैं! #Health @yadavtejashwi #RJD #Bihar
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) October 9, 2026
DM ने दिए जांच के निर्देश
कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मुताबिक, किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट करना कानूनी अपराध है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए खाद्य निरीक्षक को निर्देश दिए गए हैं और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि मछली पर किस पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था, क्या वह खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप था और संबंधित विक्रेता ने नियमों का उल्लंघन किया था या नहीं.
रंग लगी मछली खाना कितना खतरनाक हो सकता है?
खाद्य पदार्थों पर ऐसे रंग या रसायन लगाना जो खाने के लिए सुरक्षित नहीं हैं, स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है. जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि किस पदार्थ का इस्तेमाल किया गया, उसकी मात्रा कितनी थी और व्यक्ति ने उसका कितना सेवन किया.
यदि मछली पर गैर-खाद्य रंग, प्रतिबंधित रसायन या दूषित पदार्थ लगाए गए हों, तो उनका सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकता है. हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि मछली पर पारा या सीसा जैसे भारी धातु मौजूद हैं. इसकी पुष्टि के लिए नमूने की प्रयोगशाला में जांच जरूरी है.
खरीदारों को मछली खरीदते समय उसकी ताजगी पर ध्यान देना चाहिए. केवल चमकीले रंग या आकर्षक दिखावट के आधार पर मछली को ताजा न मानें. संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत करें. फिलहाल कटिहार में वायरल वीडियो के बाद जांच और संभावित कार्रवाई पर नजर है. जांच रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि मछलियों पर लगाए गए पदार्थ की प्रकृति क्या थी और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं.
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