शामली। सुबह की सैर और योग का संग दिल की सेहत के लिए नई उमंग भर सकता है। भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता तनाव, देर रात तक जागना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बिगड़ा खानपान युवाओं के दिल पर भी असर डाल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि नियमित योग, व्यायाम, संतुलित खानपान और तनावमुक्त दिनचर्या अपनाकर हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सचिन मलिक ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सांस फूलने, कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप की समस्या वाले 10 से 12 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें दो से तीन मरीज 30 से 40 वर्ष की आयु के होते हैं। उन्होंने लोगों को तनावमुक्त रहने, नियमित दिनचर्या अपनाने, संतुलित आहार लेने, रात में समय से सोने और सुबह जल्दी उठकर नियमित व्यायाम करने की सलाह दी।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीने में दबाव या दर्द, दर्द का हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक पहुंचना, अचानक सांस फूलना, अधिक पसीना आना, चक्कर या बेहोशी और दिल की धड़कन का अचानक तेज या अनियमित होना हृदय संबंधी समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का पद खाली
जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। गंभीर मरीजों को मेरठ, दिल्ली, पानीपत, करनाल या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। सीएमएस डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। फिलहाल फिजिशियन मरीजों की जांच कर प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा रहे हैं।
योग से मिली राहत, दूसरों को भी कर रहे प्रेरित
दयांनद नगर निवासी वेदपाल ने बताया कि हृदय संबंधी समस्या के कारण उन्हें चलने पर भी सांस फूलती थी और सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती थी। करीब एक वर्ष से नियमित योग करने के बाद उन्हें काफी लाभ मिला है।
कबाड़ी बाजार निवासी संजय गर्ग ने बताया कि उन्हें सांस फूलने के साथ कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप की समस्या थी। करीब पांच वर्ष से नियमित योग करने के बाद अब उन्हें परेशानी नहीं होती।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए बरतें सावधानी
नियमित सैर और व्यायाम करें।
संतुलित भोजन लें और नमक की मात्रा कम रखें।
कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
तले-भुने और जंक फूड से बचें।
लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठे रहें।
देर रात तक जागने से बचें और तनावमुक्त रहें।
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें।
मौसम के अनुसार ताजे फल और हरी सब्जियां खाएं।