सुबह की मॉर्निंग वॉक पर अंकलों की टोली ने बांधी महफिल, किशोर कुमार के गाने से सिखा दिया जिंदगी कैसे जीनी है? – uncles at morning walk sings kishore kumar and asha bhosle ye raatein ye mausam teaches youth to live life with zest


Full Of Life Moment: ऑटो ट्यून के साथ ‘ये रातें, ये मौसम’ गाने को गाते और उस पर डांस करते अंकलों के एक वीडियो ने इंटरनेट पर प्यार ही प्यार बटोरा है। मॉर्निंग वॉक पर निकले अंकलों की टोल ने इस गाने के ऊपर ऐसी महफिल लुटाई की वीडियो को देखने वाले हर 3 में से 1 व्यक्ति ने इसे लाइक किया है!

पार्क में गाना गाते और डांस करते अंकलों का जिंदादिल वीडियो
जिंदगी जिंदादिली का नाम है! यह इंटरनेट पर वायरल हो रहा अंकलों का वो वीडियो हमें सिखाता है। जो अपार्टमेंट के पार्क में इकट्ठा बैठकर कैमरे पर किशोर कुमार और आशा भोंसले के फेमस ‘ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा’ गाना गाते नजर आते हैं। इस उम्र में भी उनकी खुशी इंटरनेट को भी जोश से भरती नजर आ रही है। यहीं कारण है कि वीडियो को 1 दिन में 35 लाख से अधिक यूजर्स ने लाइक किया है।

जीवन इसी का नाम है!

अपार्टमेंट में मौजूद पार्क की बेंच पर बैठे और खड़े अंकलों ने एक पुराने गाने पर महफिल बांध दी है। वह सब सुबह के समय टहलने निकले होते हैं। उसी वक्त जब हर कोई आराम से बैठकर बातों में लगे होते हैं। तभी वीडियो को रिकॉर्ड करने वाले विनीत ‘ये रातें, ये मौसम’ गाने की म्यूजिक चालू कर देते हैं। जिसके बाद देखते ही देखते माहौल बन जाता है और सभी मिलकर इस गाने को गाना और उस पर नाचना शुरू कर देते हैं।

सुरा छेड़ते ही बन गई महफिल

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पार्क में सजी इस महफिल को लेकर विनीत लिखते हैं कि मॉर्निंग वॉक थी, लेकिन सुर छेड़चे ही पार्क में महफिल जम गई। हमारे एवरग्रीन सोल्स एक साथ गा रहे हैं- ‘ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा।’ मुस्कान वही, यादें वही, बस महफिल और भी खूबसूरत। विनीत का कहना है कि कुछ सुर उम्रनहीं देखते, बस दिल को दिलों से जोड़ते हैं। उनकी ये महफिल भी हमें यही सिखाती है कि जिंदगी जिंदादिली से जी जाती है।

1958 की फिल्म का गाना

68 साल पहले 1958 में आई ‘दिल्ली का ठग’ फिल्म में ‘शैलेंद्र’ का लिखा ये गीत आज भी लोगों के दिलों पर राज कर रहा है। खासकर उस दौर या उसके आसपास की उम्र में जन्में लोग, आज भी इस गाने बड़ी ही मोहब्बत के साथ सुनते और गुनगुनाते हैं। इस सुबह की महफिल ने इंटरनेट का मजमा लूट लिया। महज 3 करोड़ बार देखी गई इस रील को 35 लाख से अधिक यूजर्स ने ना सिर्फ लाइक किया। बल्कि वीडियो पर 46 हजार से ज्यादा कमेंट्स भी आए है।

मुझे भी ज्वाइन कराओ!

अपार्टमेंट में सजी इस महफिल को देखकर इंटरनेट का भी दिन बन गया है। इस तरह की एनर्जेटिक और सुरीली सुबह को देखकर कमेंट सेक्शन में यूजर्स भी इस महफिल का हिस्सा होने की मांग कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि अब जाकर सच में 80s के ट्रेंड ने टेकओवर कर लिया है। दूसरे यूजर ने हा कि वो भी इस गैंग का हिस्सा बनना चाहेगा। वो वाकई जिंदादिल है।

लेखक के बारे मेंPrakhar Pandeyप्रखर पाण्डेय नवभारतटाइम्स.कॉम में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 3.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वायरल जर्नलिज्म में विशेषज्ञता रखने वाले प्रखर ने अब तक 3100 से अधिक लेख लिखे हैं। वह सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X/Twitter, Reddit, Threads और Facebook) की नब्ज पहचानने में माहिर हैं। प्रखर की विशेषता केवल ट्रेंड्स को पकड़ना ही नहीं, बल्कि इंडियन रेलवे और ट्रेन यात्राओं से जुड़ी ऐसी ‘फ्रेश’ और ‘यूनिक’ खबरें सामने लाना है, जो सीधे आम आदमी के जीवन को प्रभावित करती हैं।प्रखर मानते हैं कि ‘वायरल’ होने का अर्थ केवल सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि कंटेंट की गहराई और उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित करना है। यही कारण है कि वे किसी भी सोशल मीडिया स्टोरी को पब्लिश करने से पहले मूल सोर्स या पोस्ट करने वाले व्यक्ति से संपर्क कर उसकी सत्यता की जांच करते हैं। साल 2025 में उनके द्वारा कवर की गई ‘ढाबे पर फौजियों’ की कहानी इसका प्रमाण है, जिसने न केवल लोगों को दिल जीता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता के कारण सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना भी पाई।एक Gen-Z लेखक होने के नाते प्रखर को आज की युवा पीढ़ी की पसंद और डिजिटल व्यवहार की गहरी समझ है। वे वायरल कंटेंट के ‘हल्केपन’ को कम करने के लिए उसमें मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सीख को पिरोते हैं, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उससे जुड़ाव महसूस करें। मनोरंजन, खेल और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उनकी पैनी नजर उनके लेखों को अधिक सूचनात्मक और ट्रेंडी बनाती है।शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्रखर ने फिल्म सिटी स्थित गुलशन कुमार जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट (नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त) से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में BA किया है। इसके अलावा, उन्होंने प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज से राजनीति विज्ञान में MA की डिग्री हासिल की है। यह शैक्षणिक आधार उन्हें खबरों को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समझने में मदद करता है।नवभारत टाइम्स के साथ जुड़ने से पहले, प्रखर ने करीब पौने दो साल जागरण.कॉम में अपना योगदान दिया था, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स, एस्ट्रो और लाइफस्टाइल जैसी विभिन्न बीट्स पर हजारों वेब स्टोरीज कवर कीं। प्रखर का उद्देश्य जटिल से जटिल खबर को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि वह हर आम आदमी के लिए उपयोगी साबित हो सके।… और पढ़ें



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