वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, मेरठ30 मिनट पहले
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यूपी में ठंड बढ़ गई है। सुबह और शाम हल्की ठिठुरन महसूस होने लगी है। कई जिलों में कोहरे पड़ने लगा है। गुरुवार सुबह लखनऊ, संभल, श्रावस्ती, देवरिया समेत 10 शहरों में कोहरा छाया रहा।
श्रावस्ती में विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम रह गई। सड़कों पर कुछ भी देख पाना मुश्किल हो गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिवाली वाले हफ्ते में पूरे प्रदेश में ठंड और ठिठुरन और बढ़ जाएगी।
इधर, पश्चिमी यूपी के एनसीआर वाले जिलों में वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। नोएडा का एक्यूआई 400 पार पहुंच गया है। गाजियाबाद, हापुड़ और बागपत की हवा भी रेड जोन में पहुंच गई है।
वाराणसी बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया-
दिवाली वाले हफ्ते में तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं। सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है। मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम की ठंडक बढ़ेगी।
मौसम की तस्वीरें देखिए-
लखनऊ में गुरुवार सुबह हल्का कोहरा छाया रहा। हालांकि, धूप निकलने के साथ मौसम साफ हो गया।
श्रावस्ती में घना कोहरा छाया। विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम रह गई।
नोएडा हवा की क्वालिटी बेहद खराब स्तर में पहुंच गई है। दिनभर धुंध की चादर दिखाई दे रही है।
गाजियाबाद में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद खराब स्तर में पहुंच गया है।
काशी में सुबह-सुबह गंगा के घाटों पर कोहरे की हल्की चादर दिखाई दी।
4 जिलों की हवा सांस लेने लायक नहीं, प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रेप-2 लागू
- दिवाली से पहले NCR के जिलों की हवा रेड जोन में पहुंच गई है। प्रदूषण को देखते हुए पूरे एनसीआर में ग्रेप-2 लागू कर दिया गया है। नगर निगम सड़कों पर पानी का छिड़काव करा रहा है। खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने के साथ धूल उड़ने वाले स्थानों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
- डीजल से चलने वाले इंजनों पर पाबंदी लगा दी गई है। होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के तंदूर में कोयला-लकड़ी जलाने पर रोक लगा दी गई है। तारकोल से सड़क बनाने जैसे प्रदूषण बढ़ाने वाले कामों पर भी रोक लगाई गई है।
प्रयागराज में दिन और हरदोई में रात सबसे ठंडी
- 4 नवंबर के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अधिकतम तापमान प्रयागराज में 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बहराइच 32.4 डिग्री के साथ दूसरे और वाराणसी 32.2 डिग्री के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
- न्यूनतम तापमान के आंकड़ों में हरदोई 14 डिग्री के साथ सबसे नीचे रहा। मुजफ्फरनगर और इटावा 15 डिग्री के साथ दूसरे नंबर पर रहे। बरेली और कानपुर में रात के वक्त पारा 15.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
CM बोले- फसल बर्बादी पर तत्काल मुआवजा दें
यूपी में 29 से 31 अक्टूबर तक अर्नब तूफान की वजह हुई लगातार बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर सीएम योगी एक्शन में हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर तत्काल फसल को हुए नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही फसल बर्बादी पर तत्काल मुआवजा देने के लिए कहा। साथ ही कहा कि हम किसानों के लिए विशेष पैकेज लेकर आएंगे।
रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई में बरतें सावधानी
नवंबर में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को रबी फसलों के प्रबंधन में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर पूर्वांचल में गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें।
निचले खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो सकता है। जिन खेतों में बारिश के कारण पर्याप्त नमी है, वहां अनावश्यक सिंचाई से बचें। मौसम की स्थिति और मिट्टी में नमी को देखते हुए ही बुवाई और सिंचाई का निर्णय लें।
ग्रामीण इलाकों में घना कोहरा पड़ने लगा है।
ठंड-कोहरे में इन फसलों का रखें ध्यान
- गेहूं: शुरुआती बढ़वार के समय पर्याप्त नमी बनाए रखें। खेत में जलभराव न होने दें।
- सरसों: लगातार कोहरा और नमी रहने से सफेद रतुआ और अन्य फफूंद वाले रोगों का खतरा बढ़ सकता है। फसल की नियमित निगरानी करें।
- आलू: झुलसा रोग की आशंका पर पत्तियों की जांच करें। रोग के लक्षण दिखने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें।
- मटर और चना: अधिक नमी और जलभराव से जड़ों को नुकसान हो सकता है। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें।
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