सिरसा। सोलर प्लांट की सांझेदारी के चलते उपजे विवाद में सुभाषचंद्र की हत्या करने का मुख्य आरोपी राहुल को सीआईए की टीम ने वीरवार को गांव जमाल से ही काबू कर लिया। इससे पहले सुबह सुभाषचंद्र के परिजन उपायुक्त से मिलने पहुंचे थे। दोपहर बाद लौटते समय एसपी दीपक साहरण ने उन्हें राहुल की गिरफ्तारी की जानकारी दी।
इसके बाद सुभाषचंद्र के परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। शाम करीब पांच बजे वीडियोग्राफी के साथ सुभाष का पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि शव अभी नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखा है। सुभाष के चाचा ओमप्रकाश ने बताया कि शुक्रवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा।
एसपी दीपक सहारन ने बताया कि मृतक के पिता भादर राम की शिकायत पर मुख्य आरोपी राहुल सहित 10 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। राहुल को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे सात दिन के रिमांड पर भेज दिया।
रिमांड के दौरान अन्य आरोपियों के ठिकानों और हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के प्रयास होंगे। हत्या की असल वजह भी पता लगाई जाएगी। पुलिस की टीमें अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। एसपी ने कहा कि वारदात में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
वारदात के बाद राजस्थान भागा, गांव लौटते ही हत्थे चढ़ा राहुल
एसपी ने बताया कि गांव जमाल में राजस्थान सीमा के समीप हैक्सा सन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। मृतक सुभाष चंद्र (45) यहां ठेकेदारी का काम करता था। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह प्लांट में बैठा था। इसी दौरान 2-3 युवक पहुंचे और उसे गोली मारकर फरार हो गए। गंभीर हालत में सुभाष को जिला नागरिक अस्पताल लाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पूछताछ में राहुल ने बताया कि वारदात के बाद वह राजस्थान भाग गया। वहां पुलिस से बचने के लिए सभी अलग-अलग हो गए। राहुल राजस्थान में गांव के आसपास के क्षेत्र में घूमता रहा। तीसरे दिन उसे लगा कि पुलिस की मुस्तैदी कम हो गई है। पुलिस के राजस्थान में दबिश देने के दौरान वह खेतों के रास्ते वापस गांव आ गया।
सीआईए प्रभारी विरेंद्र ने बताया कि टीम राहुल का पीछा कर रही थी। वह पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। गांव पहुंचते ही टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया और चोपटा थाना पुलिस को सौंप दिया।