नीम करोली बाबा की जिंदगी पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सक्सेस किसी चमत्कार से कम नहीं है. जो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 10 लाख की ओपनिंग लेकर दुनियाभर में 300 करोड़ से ज्यादा कमा सकती है, उसके साथ ऐसा होना चमत्कार ही है. ये फिल्म इस समय बड़ी और नई फिल्मों को भी आसानी से पछाड़ रही है.
हनुमान अंश का चमत्कार
फिल्म हनुमान अंश 7 अगस्त को रिलीज हुई थी. पहले तीन हफ्ते तक इसका हाल काफी बुरा था. पिक्चर अपने 20वें दिन तक हर रोज 1 करोड़ भी नहीं कमा पा रही थी. कुछ-कुछ दिन सिर्फ 4 लाख कमाकर सिमटी. पिक्चर की स्क्रीन्स पर बुरा असर पड़ा. 14 अगस्त को देशभर में फिल्म के सिर्फ 29 शोज लगे थे, जो हनुमान अंश का सबसे कम शो का रिकॉर्ड है. इसका ऐसा हाल बंटवारा, आवारापन 2 के क्लैश की वजह से हुआ.
इसके अगले कुछ दिन और भी खतरनाक होने वाले थे क्योंकि कन्नड़ सुपरस्टार यश अपनी फिल्म टॉक्सिक ला रहे थे. यश की फिल्म का पहले से ही बज बना हुआ था. मगर उसके खराब वर्ड ऑफ माउथ ने हनुमान अंश की किस्मत चमका दी, और वो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर बन गई. हाल ही में फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने हनुमान अंश को मिले तगड़े कॉम्पिटीशन पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी संग उन्होंने अपनी फिल्म के शोज के लिए स्ट्रगल किया.
स्क्रीन्स के लिए किया स्ट्रगल
स्क्रीन संग बातचीत में रागिनी ने हनुमान अंश की घटती स्क्रीन्स पर कहा- विशाल फिल्म की टीम के साथ रोड जर्नी पर फिल्म को प्रमोट करने निकले थे. उन्होंने कहा था कि हम लोगों के बीच, थिएटर में मौजूद रहेंगे. यही हमारी जर्नी है. उस वक्त मैं थोड़ी इमोशनल हो गई थी और मैंने कहा कि आप ऐसा नहीं कर सकते. उस समय फिल्म लगभग थिएटर से बाहर हो चुकी थी. रात में कुछ घंटे पहले ही हमने तय किया था कि फिल्म को आगे लेकर जाना है.
‘पहला हफ्ता वैसा ही रहा जैसा हमने सोचा था, हमारी फिल्म 350 थिएटर में लगी थी. बाद के हफ्तों में सिर्फ दो और बड़ी फिल्मों आवारापन 2 और टॉक्सिक के रिलीज होने की वजह से हमारे थिएटर घटकर 25-30 रह गए. ये बहुत बड़ी गिरावट थी. लेकिन हनुमान अंश का बिजनेस नहीं गिरा. हमारे लिए यही उम्मीद की एक किरण थी. फिर भी हम थोड़ा असमंजस में थे. आखिरी वक्त में विशाल और मैंने तय किया कि हम फिल्म को आगे लेकर जाएंगे. हमने अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स को बताया और उन्होंने भी कहा कि ठीक है. बाकी लोगों को मनाने में थोड़ा वक्त लगा, लेकिन आखिरकार वो भी मान गए. इसके बाद हमने अगले हफ्ते फिल्म को और थिएटर में रिलीज किया और उसमें थोड़ा खर्च भी हुआ. हमने सोचा था कि अगर फिल्म एक हफ्ते और चल गई तो सारे खर्च निकल जाएंगे. फिल्म एक हफ्ते और चली और उसके बाद जो हुआ, वो इतिहास है.’
टॉक्सिक से लगा था डर
रागिनी सोनी ने आगे यश की फिल्म टॉक्सिक पर बात की. उन्होंने कहा- हमारी फिल्म में एक डायलॉग है कि हनुमान चालीसा पढ़ते हो, फिर भी डरते हो? हम सब एक-दूसरे को यही डायलॉग बोल रहे थे, क्योंकि कहीं ना कहीं हमारे अंदर थोड़ा डर था. जो लोग इस फिल्म से जुड़े हुए थे और जिन्हें इस पर भरोसा था, हमने खुद को पूरी तरह बाबा के भरोसे छोड़ दिया था.
‘लेकिन इसके बावजूद हम कभी नहीं चाहते थे कि टॉक्सिक खराब प्रदर्शन करे. हम चाहते थे कि सभी फिल्में अच्छा करें, क्योंकि अगर टॉक्सिक अच्छा करती है तो इससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री को फायदा होगा. हमारी यही इच्छा थी. टॉक्सिक बनाम हनुमान अंश की लड़ाई लोगों और मीडिया ने बनाई थी. लेकिन हमने कभी नहीं सोचा था कि हम टॉक्सिक के सामने एक दिन भी टिक पाएंगे. हमें लगा था कि हमारी फिल्म टॉक्सिक के साथ धीरे-धीरे चलती रहेगी और यही हमारी साथ की जर्नी होगी.’
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