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2019 में स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज हुई फिल्म ‘मिशन मंगल’ ने बॉलीवुड के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा. ISRO के ऐतिहासिक मंगलयान मिशन पर आधारित इस फिल्म में 2 हीरो और 5 हीरोइनों की दमदार कास्ट थी, जिसने एक दिल दहला देने वाली कहानी पेश की जिसने हर भारतीय को गर्व महसूस कराया. सिर्फ 40 करोड़ के प्रोडक्शन बजट पर बनी इस मल्टी-स्टारर साइंस-ड्रामा ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 290 करोड़ की कमाई करके सबको चौंका दिया.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में स्पेस और साइंस-फिक्शन फिल्मों को अक्सर महंगा माना जाता है, लेकिन ‘मिशन मंगल’ के मेकर्स ने कम लागत में वर्ल्ड-क्लास सिनेमा बनाकर इतिहास रच दिया. फिल्म का ओरिजिनल प्रोडक्शन बजट लगभग 40 से 45 करोड़ था. जब यह 15 अगस्त 2019 को थिएटर में आई, तो इसे दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. फिल्म ने देश और दुनिया भर में 290 करोड़ से ज्यादा की कमाई की. अकेले देश के बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने 200 करोड़ का आंकड़ा पार किया, और अक्षय कुमार के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बन गई.
‘मिशन मंगल’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनोखी स्टार कास्ट थी. फिल्म में अक्षय कुमार और शरमन जोशी के तौर पर दो मेल लीड थे. वहीं विद्या बालन, तापसी पन्नू, सोनाक्षी सिन्हा, कीर्ति कुल्हारी और नित्या मेनन के तौर पर पांच दमदार फीमेल लीड भी थीं.
जहां मल्टी-स्टारर फिल्में आमतौर पर स्क्रीन टाइम के लिए मुकाबला करती हैं, वहीं इस फिल्म में हर किरदार को बराबर अहमियत और सम्मान दिया गया. महिला साइंटिस्ट के जज्बे और उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी के बीच बैलेंस को खूबसूरती से दिखाया गया, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया.
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फिल्म की कहानी इसरो के मार्स ऑर्बिटर मिशन पर आधारित है, जिसे भारत ने बहुत कम लागत और कम रिसोर्स के साथ पूरा किया. डायरेक्टर जगन शक्ति ने इस मुश्किल साइंटिफिक प्रोसेस को आसान और एंटरटेनिंग भाषा में पेश किया जो आम लोगों को आसानी से समझ में आ जाए.
फिल्म का वह सीन आज भी दर्शकों को रोमांचित कर देता है जब विद्या बालन का किरदार (तारा शिंदे) घर पर बनी पूरी फ्राई करने की टेक्नीक (होम साइंस) का इस्तेमाल करके सैटेलाइट के इंजन को पावर देने का आइडिया खोजती है ताकि कम फ्यूल में मंगल ग्रह तक पहुंचा जा सके. साइंस और इमोशन का यह अनोखा मेल फिल्म की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ.
हालांकि दर्शकों को पहले से ही पता था कि भारत का मार्स ऑर्बिटर मिशन सफल रहा है, लेकिन फिल्म का स्क्रीनप्ले और क्लाइमेक्स दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखने के लिए बनाया गया था. रॉकेट लॉन्च के दौरान आई टेक्निकल मुश्किलें, खराब मौसम का खतरा और टाइट डेडलाइन ने एक रोमांचक अनुभव दिया जिसने दर्शकों के दिलों की धड़कनें बढ़ा दीं.
15 अगस्त के नेशनल फेस्टिवल पर रिलीज हुई इस फिल्म की देशभक्ति की भावना ने हर उम्र के दर्शकों को थिएटर तक खींच लिया. ‘मिशन मंगल’ सिर्फ एक कमर्शियल फिल्म नहीं थी, बल्कि उन गुमनाम महिला साइंटिस्ट्स को एक श्रद्धांजलि थी, जिन्होंने भारत को स्पेस साइंस के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाने के लिए बिना थके काम किया.
इस फिल्म ने साबित कर दिया कि भारतीय महिलाएं किचन से लेकर स्पेस की गहराइयों तक, हर जगह बेहतरीन काम कर सकती हैं. 2019 में रिलीज हुई यह फिल्म आज भी लोगों की पहली पसंद मानी जाती है.
