जागरण संवाददाता, शामली। चर्चित आयुष मलिक मतांतरण प्रकरण में गुरुवार देर रात आयुष मलिक का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो में आयुष ने पिता द्वारा लगाए गए बंधक बनाने व जबरन मतांतरण के तमाम आरोपों को गलत बताया।
आयुष का कहना है कि उसे किसी ने बंधक नहीं बनाया है और पिता के इस तरह के आरोपों से सामाजिक माहौल खराब हो सकता है तथा दंगा भड़क सकता है।
मंगलवार शाम आयुष के पिता दवा व्यापारी देवराज सिंह मलिक ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाए थे। पिता का आरोप था कि 16 सितंबर को हाईकोर्ट में तारीख पर जाने के बाद से आयुष घर नहीं लौटा।
पिता ने कही थी ये बात
उन्होंने सहारनपुर व देवबंद के एक मुफ्ती और एक कारी पर बेटे को बंधक बनाकर दोबारा मतांतरण कराने का आरोप लगाया था। साथ ही 18 सितंबर को फोन कर खुद पर व पत्नी पर भी मतांतरण का दबाव बनाने की बात कही थी। देवराज सिंह मलिक ने कहा था कि आरोपितों ने धमकी दी है कि यदि उनकी बात नहीं मानी तो वह आयुष की हत्या कर देंगे।
पुलिस ने पिता की इस नई शिकायत को पूर्व में दर्ज मुकदमे में शामिल (मर्ज) कर जांच शुरू कर दी थी।
इसी बीच गुरुवार रात इंटरनेट मीडिया पर आयुष मलिक का एक वीडियो सामने आया। प्रसारित वीडियो में आयुष मलिक ने कहा कि उसे किसी ने बंधक नहीं बनाया है।
उसने बताया कि पांच-छह दिन पहले ही उसकी अपनी मां से सामान्य बातचीत हुई थी। आयुष ने वीडियो में यह भी स्पष्ट किया कि उसने अपने अधिवक्ता से बात कर कह दिया है कि यदि उसके पिता के खिलाफ कोई कानूनी मुकदमा चल रहा हो तो उसे आगे नहीं बढ़ाना, बल्कि उसे खत्म कराया जाए।
आयुष ने पिता के आरोपों का किया विरोध
आयुष ने पिता के हालिया आरोपों पर विरोध जताते हुए कहा कि इस तरह के बयानों और आरोपों से दंगा भड़कने का अंदेशा है। संपत्ति के विवाद पर बोलते हुए उसने साफ किया कि उसे पिता की किसी भी पैतृक संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं चाहिए। बार बार इस मुद्दे को न उठाया जाए।
गुरुवार को आयुष मलिक की ओर से जो वीडियो प्रसारित की गई, उसमें आयुष मलिक मास्क लगाए हुए हैं। आयुष ने कहा कि संपत्ति आज भी उनकी है और कल भी उनकी ही रहेगी। मैं जहां भी हूं ठीक हूं खुश हूं। मैं इसलिए ही हाईकोर्ट गया था। हालांकि दैनिक जागरण ऐसे किसी भी वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
