परगट सिंह की कप्तानी में भारत की हॉकी टीम ने 1990 एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था। वे 1992 और 1996 के ओलंपिक में भारतीय टीम के कप्तान रहे थे। फाइल फोटो
कांग्रेस ने जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा यूपी में आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। दोनों राज्यों में 2027 में चुनाव होने हैं।
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इससे पहले शुक्रवार को ही सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग दिल्ली में राहुल गांधी को प्रदेश अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा सौंपा था। राहुल से दिल्ली में उनके घर 10 जनपथ में मुलाकात करके इस्तीफा दिया।
राजा वड़िंग ने पंजाब प्रभारी सचिन पायलट पर गंभीर आरोप लगाए थे। वड़िंग ने कहा था कि सचिन पायलट मुझे हटाना चाहते हैं। मैं सिर्फ एक बार सचिन पायलट से मिला हूं। दिल्ली में मैंने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी थी।
आदेश की कॉपी पढ़ें….

कौन हैं परगट सिंह, जिसे कांग्रेस प्रधान बनाया
परगट सिंह का जन्म 5 मार्च 1965 को जालंधर के मिठापुर में हुआ। वह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रहे हैं। उन्होंने 1992 और 1996 के ओलंपिक में भारतीय टीम की कप्तानी की। उन्हें 1989 में अर्जुन पुरस्कार और 1998 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
हॉकी के बाद उन्होंने पंजाब पुलिस में SP के रूप में सेवाएं दीं और फिर राजनीति में कदम रखा। 2012 में शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट से पहली बार विधायक बने। 2017 में कांग्रेस में शामिल हुए और लगातार चुनाव जीतते रहे। सितंबर 2021 में चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। अब कांग्रेस ने उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया प्रधान नियुक्त किया है।


पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी के साथ परगट सिंह। यह फोटो नवंबर 2021 की है।
राहुल से मुलाकात के बाद वड़िंग की 3 अहम बातें
- मैंने साढ़े 4 साल का अनुभव शेयर किया: मैंने औपचारिक तौर पर अपना इस्तीफा सौंपा। इस दौरान पंजाब के हालातों के बारे में चर्चा हुई। हमें क्या करना चाहिए, इस पर भी बात हुई। मैंने उन्हें अपने बतौर प्रदेश अध्यक्ष साढ़े 4 साल का अनुभव शेयर किया।
- चुनौती और स्ट्रेंथ के बारे में जानकारी दी: मैंने राहुल गांधी को बताया कि कहां हमारी चुनौती है, किस प्रकार से हमें उनसे लड़ना होगा और कहां पर हमारी स्ट्रेंथ है, ये चर्चा की। चोटी पर पहुंचना प्राप्ति होती है लेकिन कोई भी चोटी पर टिका नहीं रह सकता। हर आदमी को कभी न कभी एक्स होना है। मैंने उनका धन्यवाद किया कि आपने मेरे जैसे कार्यकर्ता को साढ़े 4 साल मुश्किल परिस्थितियों में अध्यक्ष बनाए रखा।
- जहां जरूरत होगी, मैं खड़ा रहूंगा: मैंने राहुल गांधी को कहा कि आगे जो भी आप ठीक समझेंगे, जहां मेरी जरूरत होगी, मैं आपके पास खड़ा रहूंगा। इस्तीफा दिया या लिया के सवाल पर राजा वड़िंग ने कहा कि किसी ने मुझसे इस्तीफा नहीं मांगा। मैंने खुद इस्तीफा दिया। कांग्रेस पार्टी में सिर्फ चिट्ठी निकलती है, जिसमें प्रधान बने रहने के लिए थैंक्स किया जाता है।

4 पॉइंट्स में जानिए, कैसे हुआ राजा वड़िंग को बदलने का फैसला
- चन्नी-रंधावा गुट की वड़िंग से दूरियां: चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा गुट के नेता चंडीगढ़ में सचिन पायलट की अगुवाई में एक मंच पर आए, लेकिन वे दिल से एक साथ नहीं दिखे। चन्नी ने सचिन पायलट की उपस्थिति में अपने भाषण में राजा वड़िंग का नाम तक नहीं लिया। सचिन पायलट ने दोनों के हाथ जरूर मिलवाए। इसके बावजूद उनके दिल नहीं मिले। उसके बाद भी राजा वड़िंग और चन्नी एक साथ नहीं दिखे। सचिन पायलट दोनों गुटों को बारीकी से देख रहे थे।
- चन्नी-रंधावा गुट नहीं हुए तैयार: चन्नी और रंधावा गुट के नेताओं ने जब सचिन पायलट से मुलाकात की तो उन्होंने साफ कर दिया कि उनका गुट राजा वड़िंग की अगुवाई में काम नहीं कर पाएगा, क्योंकि बूथ कमेटियों की बैठक के दौरान वड़िंग गुट ने उन्हें पार्टी विरोधी और RSS का एजेंट तक कह दिया था। राजा वड़िंग भी लगातार चन्नी गुट के खिलाफ बयानबाजी करते रहे।
- फील्ड रिपोर्ट के बाद दिल्ली बुलाए नेता: सचिन पायलट ने फील्ड रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रधानों और यूथ नेताओं को दिल्ली तलब किया। पायलट ने दिल्ली में नेताओं के मन टटोले और उनसे कमिटमेंट ली कि वे हमेशा पार्टी हाईकमान के आदेश का पालन करेंगे। जिला प्रधानों से कमिटमेंट लेने के बाद सचिन पायलट ने हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
- पायलट ने कहा- वड़िंग के रहते गुटबाजी खत्म नहीं होगी: पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने हाईकमान को पंजाब की जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें साफ कह दिया था कि पार्टी का एक बड़ा धड़ा राजा वड़िंग को प्रधान मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में वड़िंग को हटाए बिना पार्टी में गुटबाजी खत्म करना संभव नहीं। राजा वड़िंग को हटाकर एक न्यूट्रल प्रधान चाहिए।
- खड़गे-प्रियंका ने देखी रिपोर्ट, राहुल गांधी ने फोन किया: सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के सामने रिपोर्ट रखी गई, जिसके बाद राजा वड़िंग को इस्तीफा देने के लिए राहुल गांधी ने खुद फोन किया। राहुल गांधी ने कहा कि हम पंजाब में नए प्रधान लगाना चाहते हैं। जिसे सुनते ही राजा वड़िंग ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। इसके बाद इस्तीफा भी भेज दिया। जब चर्चाएं होने लगीं तो राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी पुष्टि कर दी।

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