बहादुरगढ़। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के तीन दिन बाद भी शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। शनिवार सुबह बहादुरगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 208 दर्ज किया गया, जो ऑरेंज जोन में रहा।
दोपहर तीन बजे एक्यूआई घटकर 183 पर पहुंच गया और हवा येलो जोन में आ गई। हवा की गति बढ़ने के साथ प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन लोगों को पूरी तरह राहत नहीं मिली।
शहर की कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल उड़ रही है। निर्माण कार्यों और सड़कों पर जमा धूल पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। ऐसे में सड़कों पर पानी का छिड़काव करने, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
सांस और दिल के मरीज बरतें सावधानी
हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने वाली संस्था सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) की ओर से जारी एडवाइजरी में अस्थमा और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर ऐसे मरीजों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी प्रदूषित वातावरण में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए। सांस लेने में परेशानी या सीने में जकड़न होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
बहादुरगढ़ में प्रदूषण के स्तर कभी ऑरेंज जोन में तो कभी येलो जोन में पहुंच रहा है। शनिवार सुबह हवा की गति चार किलोमीटर प्रति घंटा थी। दोपहर में गति बढ़कर 11 किलोमीटर प्रति घंटा होने के साथ एक्यूआई 208 से घटकर 183 पर आ गया।
-सुनील श्योराण, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़
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