Home Hollywoodशाहरुख खान का जन्मदिन: दिल्ली के एक साधारण लड़के से बॉलीवुड के ‘बादशाह’ बनने तक का सफर

शाहरुख खान का जन्मदिन: दिल्ली के एक साधारण लड़के से बॉलीवुड के ‘बादशाह’ बनने तक का सफर

by BollywoodNewsAndMovie


शाहरुख खान का जन्मदिन: दिल्ली के एक साधारण लड़के से बॉलीवुड के 'बादशाह' बनने तक का सफर
बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उनके मुंबई स्थित आवास ‘मन्नत’ के बाहर प्रशंसकों का तांता लगा हुआ है। आधी रात से ही शाहरुख के चाहने वाले उन्हें जन्मदिन की बधाई देने के लिए उनके घर के बाहर जमा हो गए। इस बीच, उनकी आगामी फिल्म ‘किंग’ के पहले गाने की झलक ने प्रशंसकों के उत्साह को और बढ़ा दिया है। दिल्ली की गलियों से निकलकर मुंबई की माया नगरी में अपनी जगह बनाने वाले शाहरुख खान का सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। (जूम हिंदी पर ये भी पढ़ें: शाहरुख खान को सुपरस्टार बनाने में सलमान खान का था बड़ा हाथ, 33 साल पुरानी फिल्म से जुड़ा है किस्सा)
बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि या गॉडफादर के बॉलीवुड में कदम रखने वाले शाहरुख खान ने अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर ‘बादशाह’ का मुकाम हासिल किया है। 2 नवंबर 1965 को दिल्ली में जन्मे शाहरुख ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर और टेलीविजन से की थी। ‘फौजी’ और ‘सर्कस’ जैसे धारावाहिकों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद 1992 में फिल्म ‘दीवाना’ के साथ उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा और अपनी एक अलग छाप छोड़ी। (जूम हिंदी पर ये भी पढ़ें: जब शाहरुख खान ने अमिताभ बच्चन से की थी अभिषेक की शिकायत, फिर याद आया ये बड़ा कारण)

चुनौतियों से भरी राह और सफलता का शिखर

शाहरुख खान का करियर हमेशा से केवल रोमांटिक फिल्मों तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने अपने शुरुआती दौर में ‘डर’, ‘बाजीगर’ और ‘अंजाम’ जैसी फिल्मों में ग्रे शेड वाले किरदार निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। हालांकि, 1995 में आई ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने उन्हें रोमांस का पर्याय बना दिया। ‘राज’ के किरदार में शाहरुख ने दर्शकों के दिलों में जो जगह बनाई, वह आज भी कायम है। इसके बाद ‘कुछ कुछ होता है’, ‘मोहब्बतें’ और ‘वीर-ज़ारा’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया।

संघर्ष, असफलता और शानदार वापसी

हर बड़े कलाकार की तरह शाहरुख के जीवन में भी उतार-चढ़ाव आए। एक समय ऐसा भी था जब ‘फैन’, ‘जब हैरी मेट सेजल’ और ‘जीरो’ जैसी फिल्मों के प्रदर्शन ने उनके करियर पर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि, शाहरुख ने हार नहीं मानी और खुद को समय दिया। करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद उन्होंने ‘पठान’ के जरिए बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी की। इसके बाद एटली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘जवान’ ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। शाहरुख खान का यह सफर साबित करता है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।



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