Home Hollywood9/11 ने बदल दिया हॉलीवुड! ‘स्पाइडर-मैन’ से ‘मेन इन ब्लैक’ तक ऐसे बदले फिल्मों के सीन – 9 11 US attack Twin Towers World Trade Centre Spiderman Man in Black 2 rttm

9/11 ने बदल दिया हॉलीवुड! ‘स्पाइडर-मैन’ से ‘मेन इन ब्लैक’ तक ऐसे बदले फिल्मों के सीन – 9 11 US attack Twin Towers World Trade Centre Spiderman Man in Black 2 rttm

by BollywoodNewsAndMovie


11 सितंबर 2001 से पहले फिल्मों में प्लेन आसमान में उड़ते थे, इमारतों से टकराते थे और न्यूयॉर्क की गगनचुंबी इमारतें तबाही के बाद भी अगले सीन में फिर खड़ी मिलती थीं. लेकिन 9/11 के बाद यह सब इतना सामान्य नहीं रह गया. जिस विमान को पर्दे पर देखकर दर्शक रोमांचित होते थे, वह अचानक असहाय पीड़ा की निशानी बन गया. जिस गगनचुंबी इमारत को कैमरा न्यूयॉर्क की खूबसूरती के तौर पर दिखाता था, वही ट्विन टावर्स अब एक ऐसे जख्म का हिस्सा थे जिसे दुनिया ने अपनी आंखों के सामने देखा था इसलिए 9/11 की घटना के बाद हॉलीवुड काफी हद तक बदल गया. यह घटना इतनी बड़ी थी कि इस हमले के बाद रिलीज होने वाली फिल्मों और टीवी शो को अपने कुछ सीन में कांट-छांट करनी पड़ी. कई फिल्मों की रिलीज डेट आगे खिसका दी गई और कुछ के प्लॉट तक बदलने पड़े.

कह सकते हैं कि 9/11 की घटना ने सिर्फ अमेरिका की सुरक्षा और राजनीति नहीं बदली. उसने इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया था कि हादसे और कल्पना के बीच की सीमा आखिर कहां है? यह बदलाव किसी एक फिल्म या एक स्टूडियो तक सीमित नहीं था. करीब 45 फिल्मों को 9/11 के बाद किसी न किसी तरह एडिट या पोस्टपोन किया गया. वजह सिर्फ सेंसरशिप नहीं थी. फिल्म निर्माताओं के सामने एक बिल्कुल नई संवेदनशीलता थी, जो दृश्य कुछ महीने पहले सामान्य लगते थे, वही अब उन लोगों के लिए असहनीय हो सकते थे जिन्होंने हमले में अपने परिवार, दोस्त या सहकर्मी खोए थे. ऐसे में किसी फिल्म से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का शॉट हटाना सिर्फ तकनीकी फैसला नहीं था. यह उस समय के सामूहिक दर्द को देखते हुए लिया गया फैसला था.

कुछ जगह फिल्मकारों ने दर्शकों को संभावित भावनात्मक आघात से बचाने के लिए बदलाव किए, तो कहीं स्टूडियो ने इस डर से बदलाव किए कि मनोरंजन और वास्तविक त्रासदी का मेल बेहद असंवेदनशील न लगे. इसका सबसे चर्चित उदाहरण Spider Man बना. फिल्म का टीजर हमले से पहले रिलीज हो चुका था और उसमें Spider Man अपने जाल में एक हेलिकॉप्टर को ट्विन टावर्स के बीच फंसा देता था. 9/11 के बाद यह टीजर वापस ले लिया गया. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के रिफ्लेक्शन वाला पोस्टर भी हटा दिया गया और फिल्म से ट्विन टावर्स के शॉट भी हटा दिए गए.  

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यहां एक और फिल्म Zoolander की बात करें तो इस फिल्म में ट्विन टावर को डिजिटल तरीके से हटा दिया गया. चेजिंग लेन्स के शुरुआती हिस्से से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दृश्य निकाल दिए गए. स्टुअर्ट लिटिल 2, सेरेंडिपिटी, किसिंग जेसिका स्टेन और पीपुल आई नो जैसी फिल्मों में भी ट्विन टावर दिखाई देने वाले शॉट हटाए गए.

मैन इन ब्लैक 2 जैसी कालजयी फिल्म के क्लाइमैक्स तक को बदलना पड़ा, क्योंकि उसमें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर विजुअल का अहम हिस्सा था. उसे बदलकर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी कर दिया गया. यानी 9/11 के बाद सवाल यह नहीं रह गया था कि फिल्म की कहानी में आतंकी हमला है या नहीं. सवाल यह भी था कि कहीं कोई सामान्य सा दृश्य भी दर्शक को उस भयावह सुबह की याद तो नहीं दिला देगा.

प्लेन और आतंकवाद से जुड़े दृश्य तो और ज्यादा संवेदनशील हो गए. Lilo & Stitch में बोइंग 747 के जरिए होने वाले एक्शन सीक्वेंस को पूरी तरह बदल दिया गया और विमान की जगह स्पेसशिप इस्तेमाल की गई. मीट द पेरेंट्स के टीवी प्रसारण से विमान में बम का संदर्भ हटा दिया गया. स्पाई गेम में बम धमाके के बाद का धुआं कम किया गया और द टाइम मशीन में मलबे से जुड़े दृश्य के भी बदला गया. इन बदलावों का मकसद उन तस्वीरों से दूरी बनाना था जो 9/11 के बाद लोगों के लिए बेहद वास्तविक और दर्दनाक हो चुकी थीं.

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कुछ फिल्मों के लिए यह सावधानी रिलीज टालने तक पहुंच गई. टॉम क्रूज की कॉलेटरल डैमेज, बिग ट्रबल, बैड कंपनी, द टाइम मशीन, गैंग्स ऑफ न्यूयॉर्क, विंडटॉकर्स और हार्ट्स वॉर जैसी फिल्मों की रिलीज आगे बढ़ी. खासकर वे फिल्में जिनकी कहानी में आतंकवाद, बम धमाके, विमान या बड़े पैमाने पर हिंसा थी, उनके लिए तत्काल रिलीज करना जोखिम भरा माना गया. फिल्म स्टूडियो के सामने एक तरफ करोड़ों डॉलर का निवेश था और दूसरी तरफ ऐसा माहौल जिसमें गलत समय पर रिलीज हुई फिल्म को दर्शकों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता था.

कुछ कहानियां तो हमेशा के लिए बंद हो गईं. जेम्स कैमरून ने ट्रू लाइज के सीक्वल को छोड़ दिया. फॉरेस्ट गंप के सीक्वल की योजना भी खत्म हो गई. जैकी चैन की नॉजब्लीड, जिसमें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की पृष्ठभूमि में आतंकवादी साजिश थी. उसे भी आगे नहीं बढ़ाया गया. इन प्रोजेक्ट्स के पीछे अलग-अलग कारण थे, लेकिन 9/11 के बाद का माहौल इन कहानियों के लिए बेहद मुश्किल हो गया था. जिस तरह का आतंकवाद पहले हॉलीवुड में एक्शन और थ्रिलर का मसाला था, वही अब असली दुनिया की भयावहता से सीधे जुड़ चुका था.

टीवी पर भी यही कहानी दोहराई गई. 9/11 के बाद अमेरिकी नेटवर्क्स ने सामान्य कार्यक्रम और विज्ञापन रोककर लगातार न्यूज कवरेज शुरू कर दी. मनोरंजन कई दिनों तक लगभग गायब रहा. बाद में जब टीवी शो वापस लौटे तो उनके पुराने एपिसोड और आने वाली कहानियों को भी दोबारा देखा गया. पॉपुलर सिटकॉम फ्रेंड्स के एक एपिसोड को फिर से लिखा और शूट किया गया क्योंकि उसमें चैंडलर का एयरपोर्ट पर बम से जुड़ा मजाक लोगों की भावनाएं आहत कर सकता था.

द सोपरानोस के शुरुआती क्रेडिट से ट्विन टावर्स हटा दिए गए. लॉ एंड ऑर्डर एसयूवी, सैटरडे नाइट लाइव और सेक्स एंड द सिटी जैसे शो में भी न्यूयॉर्क के विजुअल बदले गए. म्यूजिक इंडस्ट्री में भी बदलाव देखने को मिला. रेडियो स्टेशनों ने ऐसी प्लेलिस्ट्स से दूरी बनाई जिनमें विमान, बम, मौत या हिंसा से जुड़े शब्द थे. कुछ गानों के बोल बदले गए, कुछ अल्बम के नाम बदले गए और कुछ कवर आर्ट वापस बुलाए गए. 

9/11 ने पहली बार बड़े पैमाने पर मनोरंजन जगत को यह महसूस कराया कि दर्शक जिस चीज को कल तक फिक्शन समझकर देख रहा था, वह अचानक किसी के लिए उसकी जिंदगी की सबसे भयावह वास्तविकता बन चुकी है. 

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