जागरण संवाददाता, श्रीनगर। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष की सर्दियों में घाटी में कड़ाके की ठंड शायद महसूस न हो, लेकिन इन सर्दियों में घाटी के फिल्म प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर है। यहां सबसे पहले हॉलीवुड और उसके बाद बॉलीवुड शूटिंग के लिए आ सकता है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुए जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव ने दुनिया भर के फ़िल्म निर्माताओं, कलाकारों और संगीतकारों को श्रीनगर लाने से कहीं ज़्यादा काम किया है।
इस सर्दी में होने वाली संभावित हॉलीवुड शूटिंग के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया, ‘इसने उस बातचीत को फिर से शुरू कर दिया है जो कश्मीर लगभग भूल चुका था यानी अंतरराष्ट्रीय और देसी फ़िल्म प्रोडक्शंस के लिए एक लोकप्रिय जगह बनने की संभावना।’
स्पेनिश फ़िल्म निर्माता ने घाटी की तारीफ की
अधिकारी ने कहा कि बातचीत शुरू हो गई है और आगे की योजना बनाई जा रही है। खास बात यह है कि अंततराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल हुईं स्पेनिश फ़िल्म निर्माता एना सौरा रेमन भी कश्मीर की फ़िल्मी संभावनाओं से प्रभावित थीं। उन्होंने घाटी को फ़िल्म बनाने के लिए बहुत उपयुक्त बताया और यहां के पहाड़ों, नज़ारों और प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ़ की।
साथ ही, उन्होंने भविष्य में कश्मीर में मिलकर काम करने और शूटिंग करने में भी दिलचस्पी दिखाई। उनकी बातों से यह उम्मीद और बढ़ गई है कि अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म निर्माता घाटी का रुख कर सकते हैं, विशेषकर सर्दियों में।
कश्मीर में विदेशी कैमरों की वापसी
बता दें कि घाटी में पहले भी अंततराष्ट्रीय फ़िल्मों की शूटिंग हो चुकी है। जम्मू कश्मीर की आधिकारिक फ़िल्म पालिसी के अनुसार, 1983 में बिल मरे की फ़िल्म ”द रेज़र्स एज” और 1986 में यूके की फ़िल्म ”द क्लाइंब” की शूटिंग कश्मीर में हुई थी। कई दशकों तक इंटरनेशनल फ़िल्म प्रोडक्शन की सीमित गतिविधियों के बाद, विदेशी कैमरों की वापसी की संभावना का महत्व सिर्फ़ टूरिज़्म से कहीं ज़्यादा है।
वरिष्ट फ़िल्मनिर्माता रमेश सिप्पी ने भी फिल्म महोतस्व के दौरान अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फ़िल्मनर्माता के लिए घाटी को फिर से खोजने का यह सही समय है। सिप्पी ने कहा, ‘अब शूटिंग होगी, फ़िल्में बनेंगी। हो सकता है पहले हॉलीवुड आए और फिर बॉलीवुड या इसके उलट, लेकिन फ़िल्में ज़रूर बनेंगी।’
उन्होंने भरोसा जताया कि कश्मीर का बदलता माहौल और इसकी सदाबहार सुंदरता इंडस्ट्री को वापस ला सकती है। बॉलीवुड के लिए, अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मनिर्माताओं की वापसी एक अहम संकेत हो सकती है। अगर हॉलीवुड और दूसरे विदेशी प्रोडक्शन हाउस कश्मीर पर फिर से विचार करने लगते हैं, तो भारतीय फ़िल्मनिर्माता भी ऐसा करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं, जिससे घाटी का मेनस्ट्रीम सिनेमा से जुड़ाव फिर से बन सकता है।
यह जगह टैलेंट से भरी
अभिनेत्री सादिया खतीब ने कहा कि खुद कश्मीरी होने के नाते उनका मानना है कि यह जगह टैलेंट से भरी है। उन्होंने कहा, ‘अब एक बात तो साफ़ है कि घाटी में शूटिंग होगी; लोकल टैलेंट बेकार नहीं जाएगा।
बता देते हैं कि हाल ही में घाटी में पहले अंततराषट्रीय विशाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमेंं 140 के करीब देशी विदेशी फिल्मों की स्क्रींनिंग की गई। इस महोतस्व में बालीवुड़ के साथ साथ दर्जनों विदेशी फिल्म निर्माताओं,निदेशकों तथा फिल्मों से जुड़े अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।
