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23 सितंबर 1994 को थिएटर में रिलीज हुई एक्शन-कॉमेडी ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. समीर मलकान के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में पहली बार अक्षय कुमार और सैफ अली खान की आइकॉनिक जोड़ी बड़े पर्दे पर एक साथ नजर आई. सिर्फ 3.25 करोड़ के लिमिटेड बजट में बनी इस फिल्म ने इतना जबरदस्त बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया कि इसने उस जमाने की सभी बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया. यह 1994 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बन गई.
नई दिल्ली. जब 23 सितंबर 1994 को ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ बड़े पर्दे पर आई, तो दर्शकों ने एंटरटेनमेंट की एक नई परिभाषा महसूस की. अक्षय कुमार के जबरदस्त एक्शन और सैफ अली खान की कॉमिक टाइमिंग के कॉम्बिनेशन ने थिएटर को तालियों और सीटियों से भर दिया. इस फिल्म ने 90 के दशक में हिंदी सिनेमा में कॉप जॉनर को एक नई पहचान दी.
ऐसे समय में जब ऐसी फिल्मों का बजट बहुत बड़ा होता था, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ सिर्फ 3.25 करोड़ में बनी थी. कम बजट के बावजूद, फिल्म का प्रोडक्शन, एक्शन सीक्वेंस और म्यूजिक इतना जबरदस्त था कि इसने अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई की और ऑफिशियल बॉक्स ऑफिस हिट बन गई.
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अक्षय कुमार (इंस्पेक्टर करण जोगलेकर) और सैफ अली खान (दीपक कुमार) के बीच की केमिस्ट्री थी. एक सख्त पुलिस वाले और एक चंचल, ड्रामा करने वाले फिल्म स्टार के बीच की नोकझोंक ने शुरू से आखिर तक दर्शकों को बांधे रखा. यह जोड़ी बाद में ‘ये दिल्लगी’ और ‘टशन’ जैसी फिल्मों में पॉपुलर हुई.
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शिल्पा शेट्टी ने फिल्म में डबल रोल (मोना और बसंती) निभाते हुए अपनी एक्टिंग और डांसिंग स्किल्स दिखाईं. वहीं, रागेश्वरी लूंबा ने सैफ अली खान के साथ एक चुलबुली और प्यारी लड़की का शानदार काम किया. शक्ति कपूर और कादर खान की एक्टिंग ने फिल्म के कॉमेडी एलिमेंट को और मजबूत किया.
फिल्म का म्यूजिक एल्बम 1994 की सबसे बड़ी म्यूजिकल हिट्स में से एक साबित हुआ. अनु मलिक का म्यूजिक और समीर के लिरिक्स हिट थे. टाइटल सॉन्ग ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘चुरा के दिल मेरा’ और ‘पास वो आने लगे’ जैसे गाने 32 साल बाद भी शादियों, पार्टियों और रील्स में ट्रेंड करते रहते हैं.
जबकि 1994 में कई दूसरी एक्शन और ड्रामा फिल्में रिलीज हो रही थीं, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ ने दर्शकों को लुभाया. फिल्म के शो लगातार हाउसफुल रहे, जिसने ट्रेड एनालिस्ट्स के अंदाजों को तोड़ दिया और बॉक्स ऑफिस पर सुनामी ला दी.
‘खिलाड़ी’ (1992) के बाद, इस फिल्म ने अक्षय कुमार को बॉलीवुड का असली ‘खिलाड़ी’ बनाने में अहम भूमिका निभाई. इस फिल्म की जबरदस्त सफलता ने अक्षय कुमार की एक एक्शन हीरो के तौर पर पहचान हमेशा के लिए पक्की कर दी और खिलाड़ी सीरीज की दूसरी फिल्में भी कल्ट क्लासिक्स बन गईं.
आज भी 32 साल बाद, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ भारतीय सिनेमा की सबसे पसंदीदा एक्शन-कॉमेडी फिल्मों में से एक है. इसके बेहतरीन डायरेक्शन, यादगार गाने, शानदार डायलॉग और अक्षय और सैफ की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने इस फिल्म को हमेशा के लिए अमर कर दिया है.
