जागरण संवाददाता, गयाजी। जिले के वजीरगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय जमूआंवा में बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाए गए स्मार्ट क्लास में भोजपुरी गाने बजाकर बच्चों के नृत्य करने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
पढ़ाई के लिए निर्धारित स्मार्ट क्लास में इस तरह की गतिविधि सामने आने को जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने गंभीरता से लिया है।
मामले की जांच वजीरगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से कराई गई। जांच के बाद विद्यालय के आठ शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो के संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से जांच कराई गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विभाग यह जानना चाहता है कि विद्यालय में पढ़ाई के समय स्मार्ट क्लास में गाने कैसे बज रहे थे और वहां बच्चों के नृत्य की स्थिति कैसे उत्पन्न हुई।
इन शिक्षकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
मामले में राजेश कुमार, कन्हैया कुमार सिंह, गुड्डू कुमार, अर्जुन कुमार, सुबोध कुमार, रविरंजन, संध्या साव माध्यमिक शिक्षक एवं रंजन कुमार शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विभाग की ओर से शिक्षकों से घटना के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है। स्पष्टीकरण के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा के दौरान स्मार्ट क्लास में बज रहे थे गाने
सबसे अहम सवाल यह है कि जिस समय विद्यालय में नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की अर्द्धवार्षिक और त्रैमासिक परीक्षाएं चल रही हैं, उसी दौरान स्मार्ट क्लास में गाने बजाकर बच्चे नृत्य कर रहे थे।
परीक्षा के बीच हुई इस गतिविधि का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर गया।
शिक्षकों की निगरानी पर भी उठे सवाल
स्मार्ट क्लास में गाने बजने और बच्चों के नृत्य करने के दौरान विद्यालय में मौजूद शिक्षकों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई, यह भी जांच का अहम बिंदु है। यदि स्मार्ट क्लास में तेज आवाज में गाने बज रहे थे तो उनकी आवाज शिक्षकों तक क्यों नहीं पहुंची।
परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की गतिविधियों पर निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी, इसे लेकर भी विभाग की ओर से जवाब मांगा गया है।
पढ़ाई के लिए बनी व्यवस्था का उद्देश्य अलग
विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था विद्यार्थियों को तकनीक आधारित बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से की गई है। इसके माध्यम से पाठ्यक्रम से जुड़ी विषय-वस्तु को आसानी से समझाने और विद्यार्थियों की पढ़ाई को रुचिकर बनाने का प्रयास किया जाता है।
ऐसे में स्मार्ट क्लास का उपयोग पढ़ाई के बजाय अन्य गतिविधि के लिए किए जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है।
अब सभी की नजर विभागीय कार्रवाई पर है। शिक्षकों के स्पष्टीकरण में घटना के संबंध में क्या कारण बताया जाता है और जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं, इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
यह भी पढ़ें- गया में हथियार के साथ मुखिया का वीडियो वायरल, FIR के बाद बोले- वह तो खिलौना था
