पटना. धनरुआ प्रखंड के पभेड़ी मोड़ के पास एक कोचिंग संस्थान के संचालक शिक्षक की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी. सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि पिटाई का शिकार व्यक्ति एक कोचिंग संस्थान का संचालक और शिक्षक है और उस पर संस्थान की एक छात्रा के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा है. हालांकि, NEWS18 वायरल वीडियो और खबर की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.
छात्रा से बदसलूकी के आरोप में कथित शिक्षक की पिटाई
वायरल वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि मारपीट का शिकार व्यक्ति एक कोचिंग संस्थान में शिक्षक है. स्थानीय लोगों के अनुसार शिक्षक पर कोचिंग की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया था. परिजनों को जानकारी मिलने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया. वीडियो में लोग गुस्से में शिक्षक को पीटते दिख रहे हैं.
पुलिस को नहीं मिली लिखित शिकायत
हालांकि, इस घटना को लेकर धनरुआ थाना में किसी तरह की लिखित शिकायत नहीं मिली है. लेकिन वायरल वीडियो थानाध्यक्ष अमित को मिला है. उसी के आधार पर पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक छात्रा के परिजनों और शिक्षक के बीच किसी विवाद की बात भी सामने आई है. पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से बात की जा रही है.
छात्रा के परिजनों से विवाद की बात
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, छात्रा से कथित बदसलूकी की जानकारी मिलने के बाद उसके परिजनों और शिक्षक के बीच विवाद हुआ था. इसके बाद मारपीट की घटना होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि, इस घटनाक्रम की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक बयान या लिखित शिकायत फिलहाल सामने नहीं आई है.
पुलिस को नहीं मिली शिकायत
धनरुआ थानाध्यक्ष अमित के मुताबिक, थाने में इस मामले को लेकर कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है. हालांकि, उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और उसके आधार पर पुलिस अपने स्तर से छानबीन कर रही है. पुलिस घटना की परिस्थितियों, मारपीट में शामिल लोगों और छात्रा से बदसलूकी के आरोप की जानकारी जुटा रही है.
क्या आरोप के बाद खुद सजा देना सही?
धनरुआ की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब बिहार के कई जिलों में लड़कियों के साथ बदसलूकी के मामलों को लेकर चर्चा और आक्रोश है. बता दें कि जमुई में नाबालिगों के साथ बदसलूकी की घटना के बाद तीन गिरफ्तारियां हुई थीं और पुलिस ने विशेष जांच टीम बनाई थी. वहीं, ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई के साथ सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की मांग भी उठ रही है.
