Bagpat News: बागपत। कभी तेज धूप, कभी बारिश, तो कभी उमस भरी गर्मी और देर रात और सुबह के समय महसूस हो रही ठंडक…मौसम में लगातार तेजी से हो रहे ये बदलाव सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। मौसमी उठा-पठक के चलते वायरल संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और चौतरफा बुखार फैलता दिख रहा है। तमाम जगहों पर घर-घर में बुखार के मरीज होने की स्थिति बन रही है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. श्रवण कुमार ने बताया कि इस सीजन में वायरल संक्रमण से होने वाले बुखार को कतई भी हल्के में नहीं लें। मौजूदा सीजन में होने वाला वायरल बुखार कई मामलों में काफी खतरनाक रूप धारण कर सकता है, क्योंकि वायरस में म्यूटेशन लगातार चलता है। जिसकी वजह से यह अपनी संरचना और प्रभाव लगातार बदलता रहता है। इन दिनों होने वाले बुखार में जांच कराने पर कई मरीजों में टायफाइड सामने आता है। डेंगू भी वायरल संक्रमण है। बुखार होने पर पैरासिटॉमॉल दवा ले सकते हैं, लेकिन दवा लेने के बाद भी अगर बुखार नहीं उतरे और कोई दूसरी परेशानी भी महसूस हो, तो तत्काल किसी योग्य चिकित्सक को दिखाएं। बुखार होने पर पानी भरपूर मात्रा में पिएं। शरीर में तरल पदार्थों की कमी होने पर खून में प्लेटलेट्स ज्यादा तेजी से घटने का अंदेशा बढ़ जाता है。
स्वस्थ रहने के उपाय
खुद से सिर्फ साधारण पैरासिटॉमॉल दवा ही लें
विशेषज्ञों की सलाह
चिकित्सकों के मुताबिक मौजूदा समय में वायरल बुखार होने पर खुद से सिर्फ साधारण पैरासिटॉमॉल दवा लेना ही सुरक्षित है। मेडिकल स्टोर से पैरासिटॉमॉल के साथ किसी अन्य साल्ट के कांबिनेशन वाली दवा नहीं लें। क्योंकि, खुद से ऐसी दवा लेना खतरनाक हो सकता है। एक-दो दिन में बुखार ठीक न होने पर चिकित्सक को जरूर दिखाएं। इस मामले में लापरवाही करना काफी महंगा साबित हो सकता है।
सामान्य प्रश्न
✦इस मौसम में बुखार होने पर क्या करना चाहिए?−
बुखार होने पर डॉक्टर से मिलें और पैरासिटॉमॉल दवा लें।
✦वायरल बुखार को हल्के में क्यों नहीं लेना चाहिए?+
✦क्या मुझे खुद से दवा लेनी चाहिए?+
