हर्ष विहार इलाके में मकान गिरने का मामला:
-परिजनों ने मकान मालिक पर लगाए आरोप, मकान मालिक ने जानबूझकर किए हुए थे गेट बंद
-इस वजह से दोनों को बचकर निकलने का मौका भी नहीं मिला, पुलिस कर रही पड़ताल
-पिता-पुत्र की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, परिवार ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की
-पुलिस जांच के बाद करेगी आगे की कार्रवाई, क्राइम टीम व एफएसएल ने जुटाए साक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। हर्ष विहार इलाके के मिलन गार्डन में रविवार निर्माणाधीन मकान के जमींदोज होने के बाद चंद्रपाल का परिवार उनके जिंदा होने की आस में रातभर घटनास्थल पर बैठा रहा। दोनों के फोन बंद या पहुंच से बाहर आ रहे थे। सुबह जब एक-एक कर पिता-पुत्र की खून से लथपथ लाश मिली तो मौके पर कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि मकान मालिक ने जानबूझकर मेन गेट का ताला लगाया था। ऐसे में जब हादसा हुआ तो दोनों को बचकर निकलने का मौका भी नहीं मिला। परिवार ने मकान मालिक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मकान मालिक से पूछताछ की जा रही है। सोमवार शाम को क्राइम टीम व एफएसएल भी जांच के लिए घटना स्थल पर पहुंची। टीम ने सारे हालात का जायजा लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि मकान मालिक की ओर से लापरवाही का पता चलता है कि उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। पुलिस पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से मेरठ, यूपी के रहने वाले चंद्रपाल अपने परिवार के साथ गली नंबर-14, हर्ष विहार में रहते थे। इनके परिवार में दो बेटे विजय कुमार, पंकज कुमार और एक शादीशुदा बहन है। विजय के परिवार में पत्नी अनीता, बेटा यश और बेटी चिंकी हैं। वहीं पंकज के परिवार में पत्नी व दो बेटे हैं। चंद्रपाल शटरिंग के ठेकेदार थे। चंद्रपाल अपने बेटे विजय व पोते यश के साथ काम करते थे। परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से चंद्रपाल का काम मिलन गार्डन में चल रहा था। रविवार को पूरे दिन पिता-पुत्र और यश हादसे वाले साइट पर मौजूद रहे। शाम को जब लेंटर डल गया तो यश घर लौट आया। इस बीच चंद्रपाल और विजय लेंटर डलने के बाद उसकी जांच करने के लिए वहां रुक गए। बाद में दोनों ही हादसे की चपेट में आ गए। एक साथ पिता पुत्र की मौत ने परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया है। परिजनों का कहना है कि घर में दोनों ही कमाने वाले थे। अब परिवार का खर्चा कैसे चलेगा, उनको चिंता सता रही है।
