Who is IAS Kumar Rajeev Ranjan: ‘चुप रहो, मत बोलो… तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की?’ जम्मू-कश्मीर में एक सरकारी बैठक के दौरान महिला अधिकारी पर भड़के सीनियर आईएएस कुमार राजीव रंजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. महिला अफसर ने जब उनके बोलने के तरीके पर सवाल उठाया तो उन्होंने निलंबन का आदेश तैयार करने के लिए कह दिया हालांकि महिला अधिकारी भी पीछे नहीं हटीं और जवाब दिया कि आप मुझे सस्पेंड कर सकते हैं. इस घटना के बाद से कुमार राजीव रंजन एक बार फिर विवादों में हैं. बिहार से ताल्लुक रखने वाले राजीव रंजन ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 866वीं रैंक हासिल कर वह 2010 बैच के आईएएस अधिकारी बने थे. इससे पहले भी सीबीआई की गिरफ्तारी और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर उनका नाम चर्चा में आ चुका है. आइए जानते हैं कुमार राजीव रंजन की पढ़ाई, नौकरी, तैनाती और उनसे जुड़े विवादों की पूरी कहानी.
कौन हैं IAS कुमार राजीव रंजन, कहां के रहने वाले हैं?
कुमार राजीव रंजन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2010 बैच के अधिकारी हैं. वह मूल रूप से बिहार से हैं. कुमार राजीव रंजन का जन्म 20 दिसंबर 1977 को हुआ था. वह एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. पहले उनका संबंध जम्मू-कश्मीर कैडर से था. जम्मू-कश्मीर कैडर के एजीएमयूटी में विलय के बाद वह इसी कैडर का हिस्सा हैं.फिलहाल कुमार राजीव रंजन जम्मू-कश्मीर सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग में प्रशासनिक सचिव के पद पर कार्यरत हैं.वह 1 जनवरी 2024 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं.
कहां से की पढ़ाई, इंजीनियरिंग के बाद बने आईएएस
कुमार राजीव रंजन ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.उन्होंने झारखंड के हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की. उनके सेवा रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने बीए और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की. यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा में हुआ.
UPSC में कितनी रैंक आई थी, कब बने IAS?
उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक कुमार राजीव रंजन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 866 हासिल की थी.इसके बाद वह साल 2010 बैच के आईएएस अधिकारी बने. उनका चयन सीधे भर्ती यानी डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के जरिए हुआ था.आईएएस बनने के बाद उन्होंने उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण लिया.प्रशिक्षण के बाद उनकी प्रशासनिक सेवा की शुरुआत जम्मू-कश्मीर में हुई. यहां उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर सरकार के विभिन्न विभागों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं.
जम्मू-कश्मीर के किन जिलों में रह चुके हैं डीसी?
कुमार राजीव रंजन अपने प्रशासनिक करियर के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं.वह कुपवाड़ा और जम्मू जैसे जिलों में डिप्टी कमिश्नर (DC) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.कुपवाड़ा में उनकी तैनाती 2012 से 2016 के बीच रही इस अवधि में उनका नाम एक हथियार लाइसेंस मामले में सामने आया था तब भी वह चर्चा में आए थे.इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार में राजस्व विभाग और अन्य प्रशासनिक संस्थाओं में भी काम किया है.
जनवरी 2020 से जून 2021 तक कहां रही तैनाती?
कुमार राजीव रंजन जनवरी 2020 से जून 2021 के बीच जम्मू मेट्रोपॉलिटन रेगुलेटरी अथॉरिटी में एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर तैनात रहे. इस अवधि के दौरान ही साल 2020 में हथियार लाइसेंस मामले में उनकी गिरफ्तारी और निलंबन का घटनाक्रम सामने आया था.बाद में फरवरी 2021 में उन्हें बहाल कर दिया गया.
जून 2021 में मिली दूसरी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
जून 2021 में कुमार राजीव रंजन को जम्मू-कश्मीर सरकार में सर्वे एंड लैंड रिकॉर्ड्स से जुड़ी जिम्मेदारी मिली.वह एडिशनल सीईओ के पद पर तैनात रहे. इस पद का दर्जा कमिश्नर स्तर का बताया गया है.उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने जून 2021 से मई 2022 तक यह जिम्मेदारी संभाली.इसके बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर सरकार के राजस्व विभाग में एक और महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया. कुमार राजीव रंजन ने मई 2022 से जनवरी 2024 के बीच जम्मू-कश्मीर सरकार के राजस्व विभाग में स्पेशल सेक्रेटरी के तौर पर काम किया.इसके बाद 1 जनवरी 2024 से उन्हें श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव की जिम्मेदारी मिली.हथियार लाइसेंस विवाद के बाद फरवरी 2025 में कुमार राजीव रंजन एक बार फिर सीबीआई की कार्रवाई को लेकर चर्चा में आए.इस बार मामला आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़ा था.उपलब्ध जानकारी के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कुमार राजीव रंजन के खिलाफ मामला दर्ज किया था.सीबीआई का आरोप था कि उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों के मुकाबले अधिक संपत्ति थी.इस मामले में उनके परिवार के सदस्यों को भी जांच के दायरे में रखा गया.
अब अक्टूबर 2026 में महिला अफसर से विवाद क्यों हुआ?
पुराने विवादों के बाद कुमार राजीव रंजन अब एक महिला अधिकारी के साथ बैठक के दौरान हुए व्यवहार को लेकर सुर्खियों में हैं.पूरा मामला 14 अक्टूबर 2026 का है. जम्मू-कश्मीर में मिशन युवा (Mission YUVA) कार्यक्रम की समीक्षा के लिए एक बैठक बुलाई गई थी.इस बैठक की अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव कुमार राजीव रंजन कर रहे थे.बैठक में कश्मीर प्रशासनिक सेवा की अधिकारी बीनिश वानी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुई थीं.बीनिश वानी श्रम एवं रोजगार विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं.बैठक के दौरान मिशन युवा कार्यक्रम को लागू करने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की भूमिका को लेकर बातचीत चल रही थी. इसी दौरान दोनों अधिकारियों के बीच बहस शुरू हो गई.
IAS Kumar Rajeev Ranjan viral video: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
‘अपना काम दूसरों को क्यों सौंपती हैं?’ सवाल पर बढ़ी बात
‘चुप रहो, मत बोलो…’ महिला अफसर पर भड़के IAS
वायरल वीडियो में कुमार राजीव रंजन महिला अधिकारी से तेज आवाज में कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘चुप रहो, मत बोलो.’इस पर बीनिश वानी ने उनके बोलने के तरीके का विरोध किया.इसके बाद कुमार राजीव रंजन ने उनसे पूछा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे इस तरह बात करने की? महिला अधिकारी ने भी जवाब दिया कि आपकी हिम्मत कैसे हुई मुझसे इस तरह बात करने की? बहस के दौरान कुमार राजीव रंजन ने कथित तौर पर महिला अधिकारी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया. इस पर बीनिश वानी ने कहा कि वह उनसे इस तरह बात नहीं कर सकते.
महिला अधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश
दोनों अधिकारियों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि कुमार राजीव रंजन ने बैठक में मौजूद एक अन्य अधिकारी को बीनिश वानी के निलंबन का आदेश टाइप करने के लिए कह दिया.इस पर बीनिश वानी ने जवाब दिया कि कोई बात नहीं आप मुझे सस्पेंड कर सकते हैं. इसके बाद कुमार राजीव रंजन बार-बार ‘बाहर निकलो, बाहर निकलो’ कहते सुनाई दिए. बैठक से निकलते समय बीनिश वानी ने भी नाराजगी में अंग्रेजी में ‘टू हेल विद यू’ कहा. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
विवाद पर महिला अधिकारी बीनिश वानी ने क्या कहा?
मामला सामने आने के बाद इंडियन एक्सप्रेस ने दोनों अधिकारियों की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की.रिपोर्ट के मुताबिक कुमार राजीव रंजन का फोन बंद होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका.वहीं बीनिश वानी ने घटना को लेकर कहा कि वह क्या कह सकती हैं उनकी तरफ से यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं ने भी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के व्यवहार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद ने महिला अधिकारी का किया समर्थन
जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और श्रीनगर से सांसद आगा रुहुल्लाह ने इस घटना की कड़ी आलोचना की.उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी महिला केएएस अधिकारी से किस तरह बात कर रहा है.रुहुल्लाह के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी आवाज ऊंची की, जबकि महिला अधिकारी ने अपनी गरिमा के लिए आवाज उठाई. उन्होंने सवाल किया कि आखिर एक वरिष्ठ अधिकारी केवल इसलिए किसी महिला का करियर खतरे में डालने की धमकी कैसे दे सकता है क्योंकि वह अपनी बात पूरी करना चाहती थी.उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्य सचिव को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए चेतावनी दी कि यदि महिला अधिकारी के खिलाफ अपनी गरिमा के लिए आवाज उठाने पर कार्रवाई होती है तो इसके परिणाम होंगे.
इल्तिजा मुफ्ती ने की IAS के निलंबन की मांग
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी कुमार राजीव रंजन के व्यवहार पर नाराजगी जताई.उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आखिर एक अधिकारी की हिम्मत कैसे हुई कि वह इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करे? इल्तिजा ने कहा कि अधिकारी खुद को सबसे ऊपर समझने वाला रवैया और अपमानजनक भाषा कहीं और ले जाएं. कश्मीर में इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में प्रशासन और पुलिस के स्थानीय अधिकारियों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.उनका कहना था कि स्थानीय अधिकारियों को बाहर से आए अधिकारियों के अधीन बनाकर रखा जा रहा है.इल्तिजा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की.उन्होंने कहा कि कुमार राजीव रंजन को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए.साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब कश्मीरी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी दिखाई जाती है तो इस मामले में भी वही पैमाना अपनाया जाना चाहिए.