सोशल मीडिया ने हमारी जिंदगी को जितना आसान बनाया है, उतना ही कई मामलों में हमारी सोच को भी प्रभावित किया है। खासकर कमाई और करियर को लेकर ऑनलाइन दिखाई जाने वाली तस्वीर अब चर्चा का विषय बन गई है। Instagram पर एक महिला का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लोगों की सैलरी को लेकर बदलती सोच पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर बार-बार लाखों रुपये कमाने वाले लोगों की पोस्ट देखने से कई लोगों को अपनी आमदनी कम लगने लगती है। जो सैलरी कभी अच्छी मानी जाती थी, वही अब ऑनलाइन बातचीत में सामान्य बताई जाने लगी है।
12 लाख, 20 लाख या 30 लाख रुपये के सालाना पैकेज को लेकर सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह कमाई की तुलना ने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। उनके वीडियो ने इंटरनेट पर सैलरी, सफलता और वास्तविकता के बीच के अंतर पर नई बहस छेड़ दी है।
12 या 20 लाख का पैकेज भी अब कम लगने लगा?
Instagram पर @paisokiseekh अकाउंट से अपनी बात रखने वाली क्रिएटर ने बताया कि ऑनलाइन सैलरी डिस्कशन में लोगों का नजरिया किस तरह बदल गया है। उनके मुताबिक, कभी 12 लाख या 20 लाख रुपये का सालाना पैकेज बड़ी उपलब्धि माना जाता था, लेकिन अब सोशल मीडिया पर इन्हें अक्सर सामान्य या शुरुआती स्तर की कमाई की तरह पेश किया जाता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि 12 LPA को फ्रेशर पैकेज और 20 LPA को ठीक-ठाक बताने वाली बातचीत अब ऑनलाइन आम होती जा रही है, जबकि 30 LPA जैसी सैलरी पर लोग रेफरल मांगने लगते हैं।
‘2 लाख महीना कम है?’ सवाल ने खींचा ध्यान
वीडियो में महिला ने उन लोगों पर भी सवाल उठाया जो सोशल मीडिया पर 2 लाख रुपये मासिक कमाई को भी ‘सिर्फ’ बताते हैं। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति के लिए 2 लाख रुपये महीना छोटी रकम नहीं है और इससे रोजमर्रा की जिंदगी में कई जरूरी जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। उनका सवाल था कि आखिर सोशल मीडिया ने कमाई को लेकर हमारी उम्मीदों का पैमाना इतना ऊंचा कैसे कर दिया कि 2 लाख रुपये महीना भी कुछ लोगों को कम लगने लगा?
सोशल मीडिया दिखाता है सफलता का सिर्फ एक हिस्सा?
इस चर्चा का सबसे अहम हिस्सा सोशल मीडिया की बनाई गई धारणा है। महिला के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर आम लोगों की तुलना में असाधारण कमाई करने वालों की कहानियां ज्यादा नजर आती हैं। एल्गोरिदम और वायरल कंटेंट की वजह से ज्यादा कमाने वाले लोगों की पोस्ट बार-बार सामने आती हैं। इससे देखने वालों को लग सकता है कि हर क्षेत्र में बहुत बड़ी सैलरी पाना सामान्य बात है, जबकि वास्तविकता इससे काफी अलग हो सकती है।
1 लाख रुपये महीना ‘नॉर्मल’ नहीं?
महिला ने इसी धारणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1 लाख रुपये महीना कमाने को सामान्य मान लेना सही तस्वीर पेश नहीं करता। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर दिखने वाली कमाई औसत व्यक्ति की आर्थिक स्थिति का प्रतिनिधित्व नहीं करती। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि ऑनलाइन नजर आने वाली सैलरी और अपनी आर्थिक स्थिति की तुलना करते समय सावधानी बरतें। सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली सफलता अक्सर चुनिंदा और बेहद क्यूरेटेड होती है, इसलिए उसे पूरी आबादी की वास्तविक तस्वीर मानना सही नहीं होगा।
वायरल वीडियो पर यूजर्स ने भी रखी अपनी बात
‘क्या 1 लाख रुपये महीना नई सामान्य सैलरी है?’ सवाल के साथ शेयर किए गए इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। कई यूजर्स ने सैलरी को लेकर बढ़ती तुलना, दिखावे और ऑनलाइन सफलता के दबाव से जुड़ी अपनी राय भी साझा की।