‘मिर्जापुर: द मूवी’ का बॉक्स-ऑफिस पर एक ऐसा कॉम्पिटिटर था जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी, ‘हनुमान अंश’. यह स्पिरिचुअल ड्रामा फिल्म अचानक थिएटर में हिट हो गई और इसकी स्क्रीनिंग के दौरान इसके स्क्रीन्स की संख्या भी बढ़ गई, जिससे यह सवाल उठा कि क्या इसने ‘मिर्जापुर’ के परफॉर्मेंस पर असर डाला है.
हालांकि, डायरेक्टर गुरमीत सिंह का मानना है कि दोनों फिल्में बिल्कुल अलग-अलग तरह की हैं और दोनों के लिए अपने दर्शक पाने की गुंजाइश है.
मिर्जापुर के डायरेक्टर ने क्या कहा?
गुरमीत ने ‘इंडिया टुडे’ के साथ एक खास बातचीत में कहा, ‘मुझे लगता है कि यह बस एक सामान्य बात है. आप जानते हैं, उस समय बहुत बड़े बजट की फिल्में भी रिलीज हुई थीं जो बिल्कुल भी अच्छा नहीं कर पाईं. इसलिए अगर आप इसे फायदे के तौर पर देखें, तो जाहिर है कि कोई दूसरी फिल्म भी होगी जो बहुत अच्छा कर रही होगी. और सबके लिए जगह है. अच्छी बात है कि हमने ऐसा देखा है, और मुझे लगता है कि इस इंडस्ट्री का हिस्सा बनने के लिए यह बहुत अच्छा समय है.’
फिल्ममेकर के पास ‘हनुमान अंश‘ की सफलता का जश्न मनाने की एक निजी वजह भी थी. उन्होंने बताया कि वे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी को अच्छी तरह जानते हैं और दोनों ने तब साथ काम किया था जब वे ऐसी फिल्में नहीं बना रहे थे जिनकी थिएटर में इतनी चर्चा हो. उन्होंने कहा, ‘और विशाल को बहुत-बहुत बधाई. बहुत से लोग नहीं जानते होंगे कि हमने असल में 2013 में साथ मिलकर दो वीडियो डायरेक्ट किए थे. इसलिए मैं विशाल को बहुत अच्छी तरह जानता हूं, और उन्हें और उनकी टीम को दिल से बधाई. उन्होंने जो बनाया है, वह एक यादगार काम है. मुझे लगता है कि इसे आने वाले कई सालों तक याद रखा जाएगा.’
गुरमीत के लिए, दोनों फिल्मों की एक साथ सफलता यह भी दिखाती है कि थिएटर के दर्शक कितने अलग-अलग तरह के हो सकते हैं. ‘हनुमान अंश’ आध्यात्मिकता और आस्था पर आधारित है, जबकि ‘मिर्जापुर’ दर्शकों को अपराध, हिंसा और नैतिक रूप से उलझे हुए किरदारों की एक बहुत ही डार्क दुनिया में ले जाती है. ‘और अच्छी बात यह है कि दोनों फिल्में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. एक तरफ वह दर्शकों को सिखा रहे हैं कि कैसे आध्यात्मिक बनें और अच्छी जिंदगी में भरोसा रखें और दूसरी तरफ हम उन्हें दुनिया का एक बहुत डार्क पहलू दिखा रहे हैं. लेकिन प्लीज हमारे किरदारों को फॉलो न करें; ‘हनुमान अंश’ के लोग जो कर रहे हैं, उसे फॉलो करें,’ सिंह ने हंसते हुए कहा.
मिर्जापुर टीम के लिए, स्ट्रीमिंग से बड़े पर्दे तक का सफर लंबा रहा है. यह फ्रैंचाइजी सबसे पहले 2018 में प्राइम वीडियो पर आई और जल्द ही एक कल्चरल फिनोमेनन बन गई; इसके किरदारों, डायलॉग्स और हिंसक दुनिया ने एक अपनी अलग ऑडियंस बना ली. गुरमीत ने माना कि टीम ने भी कभी नहीं सोचा था कि मिर्जापुर आखिरकार किस मुकाम पर पहुंचेगा.
जब उनसे पूछा गया कि क्या फिल्म की सफलता का जश्न अब खत्म हो गया है, तो डायरेक्टर हंसे और बोले, ‘बिल्कुल नहीं. मुझे नहीं लगता कि हमने 2018 के बाद से पार्टी करना बंद किया है. तो सच कहूं तो, मिर्जापुर एक तूफान और एक पिकनिक की तरह रहा है जो हर बार और बेहतर होता जा रहा है.’
और फ्रैंचाइजी के भविष्य के बारे में क्या? क्या एक्सेल एंटरटेनमेंट ने और सीजन के लिए प्लान पर बात की है?
डायरेक्टर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मिर्जापुर वापस आता रहेगा. मुझे लगता है कि यह उस मायने में एक पहेली है, और क्योंकि इसमें बहुत सारे मूविंग पार्ट्स हैं और बहुत सी ऐसी चीजें होंगी जिन पर सभी स्टेकहोल्डर्स ध्यान देंगे. हमारे पास बड़े प्लान हैं, लेकिन देखते हैं कि कौन सा पहले चुना जाता है. मुझे लगता है कि सभी स्टेकहोल्डर्स को किसी भी कन्फ्यूजन से बचने के लिए एक ही बात कहनी चाहिए और मुझे लगता है कि इसीलिए मैं अभी किसी चीज के लिए कमिट करने से बच रहा हूं. मैं ऑडियंस से बस यही वादा कर रहा हूं कि हम वापस आ रहे हैं. मिर्जापुर जल्द ही आपसे मिलेगा.’
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