वीडियो में दिख रही इंग्लैंड की एक युवती और पूर्णिया के गढ़बनैली निवासी युवक की तस्वीर को देखकर सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला दी गई कि यह एक विदेशी प्रेमिका और देसी प्रेमी की प्रेम कहानी है. देखते ही देखते इस वीडियो को लाखों लोगों ने शेयर कर दिया और इसे ‘रूसी प्रेमिका और बिहार के प्रेमी’ का नाम दे दिया गया. लेकिन जब इस वीडियो के पीछे का असली सच सामने आया, तो हर कोई दंग रह गया.
8 अक्टूबर की वह घटना जिसने बदल दिया पूरा माजरा
दरअसल यह पूरा मामला पूर्णिया जिले के कसबा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगर परिषद कसबा के वार्ड संख्या 3 का है. बीती 8 अक्टूबर को इस इलाके के गढ़बनैली में एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. एक अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की टीम यहां के आदिवासी समाज की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के मकसद से पहुंची थी.
इस एनजीओ से जुड़ी इंग्लैंड की एक युवती, जिसे नाम ‘जूली’ दिया गया है, खुद इस कार्यक्रम में शामिल होने आई थी. कार्यक्रम के दौरान आदिवासी महिलाओं के बीच स्वरोजगार के लिए बकरियों का वितरण किया जा रहा था, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.
कैमरा टीम के साथ पहुंचे नमित ने यूं शूट किया था वीडियो
इसी एनजीओ के कार्यक्रम को कवर करने के लिए कसबा के गढ़बनैली निवासी नमित कुमार अपनी पेशेवर कैमरा टीम के साथ वहां मौजूद थे. नमित कुमार ने कार्यक्रम के दौरान ही इंग्लैंड से आई युवती जूली के साथ कुछ खास पलों का एक छोटा सा वीडियो क्लिप शूट कर लिया.
कार्यक्रम खत्म होने के कुछ दिनों बाद नमित ने इस वीडियो को अपने निजी इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट कर दिया. नमित का मकसद सिर्फ एनजीओ के अच्छे काम और एक विदेशी नागरिक की उपस्थिति को अपने सोशल मीडिया पेज के जरिए लोगों तक पहुंचाना था. लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका यह साधारण सा वीडियो आने वाले दिनों में किस कदर तूल पकड़ लेगा.
एनजीओ वर्कर कैसे बनी ‘रूसी प्रेमिका’? सोशल मीडिया का सनसनीखेज खेल
जैसे ही वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड हुआ, रील्स और शॉर्ट्स की दौड़ में लगे सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अपनी-अपनी कहानियां गढ़नी शुरू कर दीं. बिना किसी सच्चाई को जाने, अलग-अलग पेजों और यूजर्स ने इस वीडियो को डाउनलोड कर लिया और भ्रामक दावों के साथ दोबारा अपलोड कर दिया. वीडियो के ऊपर कैप्शन लिखा जाने लगा कि यह एक रूसी लड़की और बिहार के लड़के की अनोखी लव स्टोरी है.
देखते ही देखते इंटरनेट पर यह फर्जी दावा जंगल की आग की तरह फैल गया. हर कोई बिना सच जाने इसे शेयर करने लगा और इस पर तरह-तरह के कमेंट्स की बाढ़ आ गई. जब मामला हद से ज्यादा बढ़ गया, तो खुद नमित कुमार को सामने आकर पूरी सच्चाई बयां करनी पड़ी.
नमित की सफाई, सोशल मीडिया का भ्रम और मानवीय पहलू
मामला तूल पकड़ने के बाद नमित कुमार ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिख रही युवती कोई रूसी प्रेमिका नहीं है, बल्कि इंग्लैंड की एक एनजीओ कार्यकर्ता हैं. वे केवल एक सामाजिक कार्य के सिलसिले में पूर्णिया आई थीं. नमित ने बताया कि वे स्वयं कैमरा टीम के साथ वहां काम के सिलसिले में गए थे और उन्होंने यह वीडियो सहज भाव से बनाया था.
इस घटना ने सोशल मीडिया पर फैलती फर्जी खबरों और व्यूज पाने के लिए किसी भी हद तक जाने वाले रवैये के मानवीय पहलू को उजागर किया है. किसी अनजान विदेशी महिला जो केवल समाज सेवा के उद्देश्य से भारत आई थी, उसकी पहचान को इस तरह गलत ढंग से पेश करना न केवल भ्रामक है, बल्कि यह उस संस्था और व्यक्ति की गरिमा पर भी असर डालता है.
Purnia Viral Video Namit England Girl Truth: स्थानीय प्रभाव, सीख और आगे की स्थिति
कसबा और पूर्णिया के स्थानीय लोगों के बीच भी यह वीडियो चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है. शुरुआत में जहां लोग इसे एक हैरान करने वाली प्रेम कहानी मान रहे थे, वहीं अब सच्चाई सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं.
यह घटना एक बड़ा सबक है कि डिजिटल दौर में बिना पुष्टि किए किसी भी सनसनीखेज वीडियो या खबर पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए. स्थानीय स्तर पर नमित द्वारा दी गई सफाई के बाद अब अफवाहों का बाजार तो शांत हो रहा है, लेकिन यह मामला इंटरनेट पर व्यूज और लाइक्स के चक्कर में फैलाई जाने वाली भ्रामक खबरों की गंभीरता को रेखांकित करता है.


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